12th Biology IMP Question

mp board class 12 Biology imp questions 2022 | (कक्षा 12 जीव विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न 2022)

mp board class 12 Biology imp questions 2022
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mp board class 12 Biology imp questions 2022 | (कक्षा 12 जीव विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न 2022)

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mp board class 12 Biology chapter 1 imp short questions 2022 (कक्षा 12 जीव विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न 2022)

mp board class 12 Biology imp questions 2022 ( पाठ-1 जीवों में जनन )

प्यारे छात्रों आज के इस पोस्ट में आप सभी के लिए कक्षा बारहवीं के छात्रों के लिए जीव विज्ञान के पाठ 1 जिसका नाम है जीवन में जनन, इस पाठ के सभी महत्वपूर्ण प्रश्न और उनके उत्तर आपको देखने को मिलेंगे, जो कि बोर्ड परीक्षा 2022 के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित होंगे, अगर आप बोर्ड परीक्षा 2022 की तैयारी कर रहे हो, और 12वी के छात्र हो, और आप जीव विज्ञान में अच्छे अंक लेकर के आना चाहते हो, तो हम यहां पर आपको रोजाना पाठ 1 से लेकर अंत तक सभी पाठों के जीव विज्ञान के सभी महत्पूर्ण प्रश्नों को उपलब्ध कर करवाएंगे।  जिनकी वजह से आप mp बोर्ड क्लास ट्वेल्व बायलॉजी एग्जाम 2022 मैं टॉप कर सकते हैं।

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                      हुविकल्पीय प्रश्न 
(mp board class 12 Biology imp questions 2022 ) :-
 

प्रश्न (1) अनिषेकजनन होता है।

(a) मधुमक्खियों और टर्की में
(b) (टर्की में)
(c) (मधुमक्खी में)
(d) इनमे से कोई नही

प्रश्न (2) अलैंगिक जनन संरचनाएँ होती है।

(1) जेग्युल
(2) कालिका
(3) कोनिडिया
(4) ये सभी

प्रश्न (3)  मनुष्य चक्र पाया जाता है

(1) भेड़
(2) मनुष्य
(3) बंदर
(4) इनमे से कोई नही

प्रश्न- (4) एकलिंगी पादप है।

(1) ब्रेसिका
(2)  कैरिका पपाया
(3) दोनो
(4) इनमे से कोई नही

प्रश्न (5) पादप प्रजनन की मुख्य विधि है।

(1) प्रवेशन
(2) प्रसंस्करण
(3) वरण
(4) ये सभी

अति लघुउत्तरीय प्रश्न (mp board class 12 Biology imp questions 2022)

प्रश्न  6. अलैंगिक जनन द्वारा उत्पन्न संतति को क्लोन क्यों कहा जाता है?

उत्तर– अलैंगिक जनन द्वारा उत्पन्न संतति आकरिकीय व आनुवंशिक रूप से समान होती है। अतः क्लोन कहलाती है।

प्रश्न  7. कायिक प्रवर्धन की चार संचरनाओं के नाम लिखिए जो संतति उत्पन्न करने में समर्थ हो ।

उत्तर–  कंद , प्रष्कण्ड,  भूस्तारी (Orrset), उपारिभूस्तारी (SUCKEY), पर्ण कलिकाएँ (iids), आदि ।

प्रश्न 8. लैंगिक जनन अलैंगिक जनन से किस प्रकार भिन्न होता है?

उतर– लैंगिक जनन में विपरीत लिंग वाले दो जनक भाग लेते हैं। जबकि अलैंगिक जनन में एक जीव संतति उत्पन्न करने में समर्थ होता है

प्रश्न 9. आन्तरिक निषेचन किसे कहते हैं?

उत्तर– अधिकांश जीवधारियों में युग्मक संलयन या निषेचन की क्रिया शरीर के अन्दर सम्पन्न होती है। इसे आन्तरिक निषेधन (indehatechiladih) कहते हैं।

प्रश्न 10. विदलन से क्या तात्पर्य है ? 

उत्तर– एककोशिकीय युग्मनज में बार बार सूत्री विभाजन होने से बहुकोशिकीय संरचना के बनने की प्रक्रिया विदलन (Segmehtcation ) कहलाती है। इसमें केन्द्रीयकीय पदार्थ का द्विगुणन होता रहता है। लेकिन कोशाद्रव्य की मात्रा में वृद्धि नही होती है, अतः कोशिकाएं छोटी होती जाती है।

प्रश्न 11. मुकुलन पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

उत्तरमुकुलन (Quading) अनुकूल परिस्थितियों में यीस्ट, हाइड्रा आदि मे मातृ शरीर में एक मुकुल (bun) बनता है। यह वृद्धि करके जनक जीव सदृश रचना बनता है। और जनन से पृथक होकर स्वतंत्र जीवन व्यतीत करने लगता है। इस प्रक्रिया को मुकुलन (budoing) कहते है।

प्रश्न 12. अलैंगिक जनन द्वारा उत्पन्न हुई संतति को क्लोन क्यों कहा गया है?

उत्तर– इस विधि में केवल समसूत्री विभाजन (mitosis) होता है। अतः इसके द्वारा उत्पन्न संतति एक दूसरे के समरूप एवं पूर्णरूप से अपने जनक के समान होता है। “आकारिया norphategical) तथा आनुवंशिक (genetically रूप से समान जीवों को क्लोन (Clon) कहते है। अतः अलैंगिक जनन द्वारा उत्पन्न संतति को क्लोन कहा जाता है।

प्रश्न 13. कायिक जनन से क्या हानियाँ है ?

उत्तरकायिक जनन द्वारा पौधों की नई किस्में तैयार नहीं की जा सकती है। संतति पादपों में भिन्नता न होने से कारण जैव विकास की सम्भावना नही रहती है। कायिक जनन द्वारा उत्पन्न संततियों में प्रजाति के विशिष्ट रोग सुगमता से संचारित हो जाते हैं।

mp board class 12 Biology imp questions 2022:- 

 
प्रश्न 14. कायिक प्रवर्धन से आप क्या समझते हैं। उन पौधों के अंगों का नाम लिखिए जो कायिक प्रवर्धन में भाग लेते है
 
उत्तर- यह पौधों में होने वाला अलैंगिक जनन होता है इसमें एक ही जनक पादप संसती उत्पन्न करने में समर्थ होता है। कायिक जनन होता है। प्राकृतिक तथा क्रत्रिम विधियों द्वारा प्राप्त होता है। प्राकृतिक कायिक जनन पौधों की जड स्तंभ अथवा पत्तियों से हो सकता है। भूमिगत तनो के रूपांतरण कंद प्रकंद घनकन्द तथा स्कंद द्वारा कायिक प्रवर्धन होता है।
प्राकृतिक कायिक प्रवर्धन द्वारा आलू, अदरक अरबी तथा केले की खेती की जाती है। आलू के स्वस्थ कन्द में उपस्थित छोटे छोटे गड्डों में अपस्थानिक कालिकाएँ पायी जाती है। आलू के बोने पर अपस्थानिक कलिकाएँ विकसित होकर नए पौधे बनाती है। अदरक का भूमिगत तना प्रकन्द कहलाता है। प्रकन्द की पूर्वसन्धयों पर स्थित अपस्थानिक कलिकाएँ विकसित होकर नया पौधा बना देती है। केले के भूमिगत पकन्द से बनने वाले पादप को प्रथक करके लगा देने पर नया पौधा विकसित हो जाता है।
 
प्रश्न 15. शुक्राणु तथा अंडाणु में अंतर लिखिए। 
उत्तर –
क्रम संख्या  शुक्रजनन अंडाणुजनन
01.  शुक्राणु जनन की प्रक्रिया वृषण से होती है। अंडाणुजनन की प्रक्रिया अंडाशय में होती हैै।
02.  वृद्धि प्रावस्था छोटी होती है। वृद्धि प्रावस्था बहुत लंबी होती है।
03.  एक प्राथमिक शुक्राणु केशिका में चार सर्पोटिडस का निर्माण होता है। एक प्राथमिक अंडाणु कोशिका से एक अंडाणु तथा प्राय दो कोशिकायों निर्माण होता है।
04.  शुक्राणु निर्माण से पूर्व ही दोनो अर्धसूची विभाजन पूर्ण हो जाते है। दूसरा अर्धसूत्री विभाजन अंडाणु में शुक्राणु के प्रवेश होने के पश्चात पूर्ण होता है।
 
प्रश्न 16.  जनन क्या है? जन्तुओं में जनन की विभिन्न विधियों का वर्णन कीजिए।
 
उत्तर- दुनिया में अपनी जाति को बनाए रखने के लिए जीवधारी अपने समान संतान उत्पन्न करते हैं। इस प्रक्रिया को जनन कहते हैं।
 
जन्तुओं में जनन की विभिन्न विधियां – जन्तुओं में जनन दो प्रकार के होते हैं-
1. अलैंगिक जनन  तथा   2. लैंगिक जनन
I. अलैंगिक जनन :- लैंगिक जनन में संतति का विकास एकल जन्तु के शरीर के किसी भाग या किसी विशेष रचना द्वारा होता है। अलैंगिक जनन अधिकतर निम्न श्रेणी के जन्तुओं में होता है। अलैंगिक जनन निम्नवत होता है-
(1) विखण्डन :- इसमें मातृ शरीर के विभाजन से संतति का निर्माण होता है। विखण्डन की दो विधियां है –
(क) द्विविखण्डन :- इसमें मातृ शरीर दो भागों में बट जाता है। यदि मातृ शरीर की लम्बाई मे दो भागों में विभक्त होता है, तब इसे अनुलम्बीय द्विविखण्डन कहते हैं। जैसे युग्लीना में जब मातृ शरीर अनुप्रस्थ रूप से दो भागों में विभाजित होता है। तब इसे अनुप्रस्थ द्विविखण्डन कहते हैं।
 जैसे :- पैरामीशियम
(ख) बहुविखण्डन :- इसमें मातृ शरीर अनेक भागों में बाटा जाता है।
    उदाहरण –   प्लाज्मोडियम अमीबा आदि में
(2.) मुकुलन – मातृ शरीर में से एक छोटी सी कलिक बनती है। जो व्रद्धी करके पूर्ण जन्तु में विकिशित हो जाती है। यह मातृ शरीर से अलग होकर स्वतंत्र जीवन व्यतीत करता है।
(3.) अनिषेकजनन – यह भी अलैंगिनग जनन की एक विधि मानी जाती है। इसमे बिना निषेचन के अंड व्रद्धी करके वयस्क का निर्माण करता है
जैसे – मधुमक्खी के नर ततैया
(4.) पुनरुदभवन – अनेक प्रणियों में पुनरुदभवन द्वारा जन होता है। इसमें जीवधारियों क्षतिग्रस्त भाग का पुन निर्माण कर लेता है।
जैसे अमीबा,सांप, हाइड्रा आदि के टुकड़ों से पूर्ण जीव बन जाता है।
II लैंगिक जनन :- इस विधि में सामन्यत दो जंतुओं का योगदान होता है। जनन अंगों में युगमकों का निर्माण होता है। यदि नर युग्मक व मादा युग्मक का निर्माण अलग- 2 जंतुओं में होता है। तब ऐसे जन्तुओं को एकलिंगी कहते हैं। जैसे मनुष्य तथा सभी कशेरुकी व अधिकांश उच्च अकशेरुकी कभी कभी नर व मादा युग्मक का निर्माण एक ही प्राणी में होता है। तब ऐसे जन्तुओं को एक द्विलिंगी अथवा उभयलिंगी कहते है।
जैसे-  केंचुआ,जोंक, फीताकृमि आदि लैंगिक जनन में नर युग्मक तथा मादा युग्मक का संलयन होता है, और युग्मनज बनता है। युग्मनज से वृद्धि विकास होता है।
Que 5: दोहरा निषेचन की परिभाषा दीजिए | 
 
उत्तर- आवृत बीजी पौधों में परागकण की जनन कोशिका से बने नर युग्मकों में से एक अण्ड को शिका (मादा युग्मक) से तथा दूसरा पर मुग्मक द्वितीयक केन्द्रक से संगलित होता है। इन दोनों क्रियाओं को सम्मिलित रूप से दोहरा निषेचन करते है।
Que 8- असंगजनन (स्पोमिक्सिम) क्या है। उदाहरण भी दीजिए। 
 
उत्तर असंगजनन (Apomixis) = कुछ पौधों के जीवन चक्र में शुग्मक संलयन Syngamyj
अथवा अर्द्धसूत्री विभाजन (nciesis) नहीं होता तथा इनकी अनुपस्थित में ही नए पौधे का निर्माण हो जाता है। इस प्रक्रिया की असंगजनन (apemixis) कहते हैं। इसकी खोज विकलर (winkler 1988) ने की थी यह प्रायः अनिषेकबीजता (Ago Mo sPer my) के कारण होता है। जैसे- नींबू नागफनी, क्रेपिस आदि में ।

 

 

 इनको  भी  पढ़ें —

1. पाठ 1 वैधुत आवेश तथा क्षेत्र ( imp short question exam 2022 )

2. पाठ 1 वैधुत आवेश तथा क्षेत्र ( imp LONG question exam 2022 )

3. पाठ 2 वैधुत विभव तथा धारिता ( imp short question exam 2022 )

4. पाठ 2 वैधुत विभव तथा धारिता ( imp Long question exam 2022 ) part 1

5. पाठ 2 वैधुत विभव तथा धारिता ( imp Long question exam 2022 ) part 2

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