ऐसा कहा जाता है कि गुरु अपने शिष्य के जीवन को बनाने में एक अहम भूमिका अदा करते हैं शिक्षक एक प्रकार की सफलता की सीढ़ियों की तरह काम करता है

शिक्षक हमको हमेशा यह सिखाते हैं कि हमें दुनिया में किस प्रकार जीना और स्वस्थ सुखी जीवन चर्या को किस प्रकार अपनाना चाहिए,

कहते हैं गुरु माता पिता से भी ऊंचा होता है अतः गुरु की महिमा को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाने के लिए हम हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाते हैं।

कहते हैं गुरु माता पिता से भी ऊंचा होता है अतः गुरु की महिमा को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाने के लिए हम हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाते हैं।

आज हम आपको बताएंगे कि आप किस प्रकार अपने शिक्षकों के लिए सम्मान और आभार व्यक्त कर सकते हैं। आप अपने गुरु को  कुछ इस प्रकार की पंक्तियों के सपोर्ट से धन्यवाद बोल सकते हैं

अगर बच्चा प्रीस्कूल में पढ़ता है तो बच्चों के क्लास रूम की सजावट के संदर्भ में शिक्षक की अहम जिम्मेदारी होती है क्यों कि बच्चे इस तरह के संदर्भ में काफी छोटे होते हैं

स्कूल को डेकोरेट करने संबंध में बच्चों को ड्राइंग बनाना या पेस्टिंग असाइनमेंट काफी अच्छा रहता है और जब बच्चे इस प्रकार के कार्य घर से कर आते हैं

इस उम्र के बच्चों को शिक्षक नर्सरी राइम और उन पर लिखी कहानियां के चार्ट भी बनवा कर लगवा दें इससे भी शिक्षक दिवस पर प्री स्कूल के बच्चों की क्लास रूम की अच्छी खासी सजावट हो जाती है।