स्कूलों का दबाव, इस दुकान से खरीदो किताब

अगर कोई स्कूल अभिभावकों को एक निश्चित दुकान से कापी-किताव खरीदने या गणवेश लेने का दवाव डालते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश जिला प्रशासन ने सात मार्च को जारी किए थे, लेकिन सीवीएसई स्कूल इस आदेश का उल्लंघन कर रहे हैं। सीबीएसई स्कूल अभिभावकों को मोवाइल पर संदेश भेजकर दुकानों का नाम बता रहे हैं। राजधानी के कुछ वड़ी दुकानों पर अभिभावकों की भीड़ लग रही है। दुकान पर पहुंचने पर स्कूल और कक्षा का नाम बताए जाने पर उन्हें कितावों का पूरा सेट दिया जा रहा है। पहली से आठवीं तक की किताबों का सेट 2500 से 6000 रुपये तक मिल रहे हैं। अगर अभिभावक स्कूल द्वारा बताए गए दुकान पर नहीं जा रहे हैं तो वहां किताबें नहीं मिल रही हैं।

वहीं जिला प्रशासन ने यह भी आदेश दिए थे कि सीबीएसई स्कूल किताबों की सूची पोर्टल पर अपलोड करेंगे, लेकिन सिर्फ 50 फीसद स्कूलों ने ही सार्वजनिक की है। पालक महासंघ का कहना है कि इस साल जिला प्रशासन ने आदेश जारी करने में देरी की हर साल अभिभावकों को परेशान होना पड़ता है। अभिभावक अनुपम महारिया ने कहा के उनके बच्चे के स्कूल से सभी अभिभावकों को गुरुकुल दुकान से किताब लेने का संदेश भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि हर साल रिजल्ट के साथ कार्ड दिया जाता था। इस बार मोबाइल पर संदेश भेजे जा रहे हैं। वहीं अभिभावक शशांक साहू का कहना है कि उनके बच्चे के स्कूल से भी किताब दुकान रागिनी क स्टोर का संदेश आया है।

पालक महासंघ ने शासन को लिखा पत्र– पालक महासंघ ने शासन को पत्र लिखा है कि सभी सीबीएसई स्कूलों की सभी कक्षाओं में एनसीईआरटी की किताबें लागू की जाए, ताकि हर साल अभिभावकों को महंगी किताबें खरीदनी ना पड़े। महासंघ ने यह भी मांग की है कि हर साल निजी स्कूल दिसंबर व जनवरी में ही किताबों की सूची सार्वजनिक कर दें, ताकि डीईओ के माध्यम से निरीक्षण का कार्य जल्द पूरा कर कार्रवाई कर सकें।

5वीं-8वीं के एग्जाम 1 अप्रैल से होंगे शुरू, बोर्ड परीक्षा नहीं कहलाएगी:-

राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा संचालित स्कूलों में पांचवी एवं आठवीं क्लास की सालाना परीक्षा 1 अप्रैल से शुरू होगी। यह बोर्ड परीक्षा नहीं कहलाएगी, लेकिन एक स्कूल से दूसरे स्कूल में कापियां जांचने के लिए भेजी जाएंगी। परीक्षा को लेकर राज्य शिक्षा केंद्र ने मंगलवार को टाइम टेबल के साथ निर्देश भी जारी कर दिए हैं। इन दोनों कक्षाओं की यह सालाना परीक्षा सभी जिलों के डीईओ के नेतृत्व में 20 अप्रैल तक जारी रहेगी। इस परीक्षा को लेकर व पूरे साल भर असमंजस बना रहा। विभाग द्वारा कभी यह कहा गया कि परीक्षा बोर्ड पैटर्न पर होगी। कभी तय किया गया कि परीक्षा इस पैटर्न पर नहीं होगी।

Schools pressure, buy book from this shop
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राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा जारी निर्देश में कहा है कि सभी विषयों के पेपर देने वाले स्टूडेंट्स पास माने जाएंगे, लेकिन तय ग्रेड हासिल करनी होगी। जो स्टूडेंट्स तय ग्रेड हासिल नहीं कर पाएंगे उन्हें 2 महीने बाद दोबारा परीक्षा देनी होगी। दो साल बाद होंगे एग्जाम –मध्य प्रदेश में कोरोना के चलते पिछले साल के एग्जाम आयोजित नहीं हो सके थे. एग्जाम को लेकर निर्देश जारी करते हुए बताया गया है कि 22 अप्रैल 2022 को एग्जाम के नतीजों को जारी कर दिया जाएगा।

होली के दूसरे दिन स्कूलों में विशेष अवकाश की मांग:-

मप्र तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने बताया कि जनभावनाओं के दृष्टिगत विगत कई वर्षों से होली के दूसरे दिन स्थानीय अवकाश घोषित रहता था, जिसके तहत राज्य शासन के शासकीय कार्यालयों एवं विद्यालयों में अवकाश रहता है। इस वर्ष संयोग से खेली महापर्व का दूसरा दिन 19 मार्च 2022 माल के तृतीय शनिवार को पड़ रहा है और शनिवार को प्रदेश के सभी शासकीय कार्यालयों में अवकाश रहता है जिस कारण जिल्ला स्तर से होली के दूसरे दिन का स्थानीय अवकाश घोषित नहीं हुआ है।

बच्चों की मोज मस्ती के इस त्यौहार आने के पूर्व से छात्रों की उपस्थिति बहुत हो जाती है शालाओं में छात्र पूर्ण उपस्थिति भाई दोज के बाद ही प्रारंभ होती है। इस वर्ष शालाओं में होली के दूसरे दिन का अवकाश घोषित न होने से छत्र के साथ शिक्षकों में भी निराशा है। संघ के योगेन्द्र दुबे, मनोज राय, रामेश्वर दुबे, मुकेश सिंह, मंसूर बेग, नादिर कुरैशी, सौरभ तिवारी प्रियांशु शुक्ला, राजेश दुबे, राजेश झारिया जितेन्द्रनामदेव, ऋषभ घनघौरिया, मनीष लोहिया , महेश कोरी, मनीष शुक्ला, विनय नामदेव, मनोज पाटकर, संतोष कावेरिया, विजय कोष्टी, धीरेन्द्र सोनी, मो0 तारिख अब्दुल्ला चिश्तिी आदि ने मांग की है कि प्रदेश की शालाओं में होली के दूसरा दिन अवकाश दिया जाये।

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