इस बार फरवरी में प्री-बोर्ड परीक्षा : महामारी का प्रभाव केंद्रीय विद्यालयों में

विद्यालयों के प्राचार्य हुए चिंतित

भोपाल : कोरोना की दूसरी लहर का प्रभाव अभी तक शैक्षणिक व्यवस्थाओं से दूर नहीं हो पाया है। जिन केंद्रीय विद्यालयों में प्री बोर्ड परीक्षा जनवरी में संपादित हो जाया करती थी, अब यह एग्जाम अगले महीने फरवरी तक जा रहा है। इससे प्राचार्यों की भी चिंताएं बढ़ गई हैं।

भोपाल रीजन में केंद्रीय विद्यालयों के प्राचार्यों का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर में शैक्षणिक व्यवस्था को पटरी में लाने के लिए केंद्र शासन द्वारा परीक्षाओं को दो भागों में बांट दिया गया था। इसके लिए टर्म-1 और 2 की श्रेणी निर्धारित कर दी गई थी। मौजूदा समय में नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों की टर्म वन परीक्षा चल रही है। जबकि टर्म-2 का एग्जाम मार्च में होने की संभावना है।

सीबीएसई बोर्ड द्वारा अभी तक टर्म टू एग्जाम की तिथि निश्चित नहीं की गई है, लेकिन शीघ्र ही टाइम टेबल आने की उम्मीद बनी हुई है। प्राचार्यों की माने तो दिसंबर में अर्द्धवार्षिक परीक्षा होने के बाद जनवरी से प्री-बोर्ड परीक्षा शुरू हो जाए करती थी। इस बार यह उम्मीद खत्म हो गई है। प्री बोर्ड का सेशन फरवरी में पहुंच रहा है। अब तक टर्म-1 की परीक्षा में जो बच्चे कमजोर निकल कर सामने आएंगे। उन्हें चिन्हित करते हुए रिमेडियल कक्षाओं का संचालन किया जाएगा, क्योंकि दूसरी परीक्षा के लिए इन विद्यार्थियों को पूरी तरह से दक्ष बनाना जरूरी है। कारण भी है कि टर्म टू के एग्जाम में थयोरिकल उत्तर लिखना होंगे।

Pre Board Exam 2022 Update
Pre Board Exam 2022 Update

मार्च में टर्म-2 के एग्जाम को लेकर नवी और 11वीं के छात्रों के पंजीयन शुरू

सीबीएसई बोर्ड की गाइड लाइन के अनुसार नवीं एवं 11वीं के बच्चों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। नवीं से जो बच्चे दसवीं में पहुंचेंगे उनके लिए पंजीयन कराना अनिवार्य है। जबकि जो बच्चे 11वीं से 12 न्यू जा रहे है उन्हें भी रजिस्ट्रेशन कराना होगा। बोर्ड के नियम के अनुसार रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया प्रतिवर्ष की जाती है। पूर्व की तरह इस बार भी यह काम प्रारंभ कर दिया गया है।

टर्म-1 के बाद प्री-बोर्ड की तैयारी: जेटली

केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक 1 के प्राचार्य सौरभ जेटली का कहना है कि टर्म-1 की परीक्षा 27 दिसंबर तक चलेगी। इसके बाद प्री-बोर्ड के लिए बच्चों को तैयार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन परीक्षाओं के बाद कमजोर बच्चों को चिन्हित करने का क्रम चलेगा। इन बच्चों को टर्म-2 की परीक्षा के लिए रिमेडियल कक्षाओं में तैयार किया जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है।

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