इंदौर

MP-त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव निरस्त, ओमीक्रॉन वायरस का कहर जारी- mp election 2022 Cancelled

भोपाल मध्य प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की प्रक्रिया कोराज्य निर्वाचन आयोगने मंगलवार देर शाम निरस्त कर दिया। राज्य सरकार द्वारा मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज संशोधन अध्यादेश वापस लिए जाने के बाद चुनाव का अधार समाप्त होने से आयोग ने यह निर्णय लिया। इसके लिए दो दिन से आयोग विधि विशेषज्ञोंसे परामर्श रहा था। चुनाव प्रक्रिया निरस्त होने के बाद अब अभ्यर्थी अपनी निक्षेप राशि वापस ले सकेंगे। उधर, निर्वाचन से जुड़ी प्रक्रिया को आयोगने रोक दिया।

अयोग ने मप्र पंचयतराज एवं ग्राम स्वराज संशोधन अध्यादेश-2021 के आधार पर चार दिसंबर को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया था। इसमें वर्ष 2010 में पंचायतों के परिसीमन को निरस्त करके पुराने आरक्षण के आधार पर चुनाव कराए जा रहे थे, जिसे विभिन्न याचिकाकर्ताओं द्वारा न्यायालयों में चुनौती दी गई थी।

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इसी याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी के लिए आरक्षित पदों के चुनाव पर रोक लगाते हुए शेष प्रक्रिया को जारी रखने के आदेश दिए थे। इससे बने हालात को देखते हुए सरकार ने विधान सभा में सर्वसम्मति से ओबीसी आरक्षण के साथ पंचायत चुनाव कराने का संकल्प पारित कराया और सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की .

mp election 2022 Cancelled
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अधिवक्ताओं से किया विचार

विमर्श राज्य निर्वाचन आयोगने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं से विचारविमर्श किया। दरअसल, ओवीसी आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग को आदेश दिए थे कि ओवीसी के लिए आरक्षित पदों को सामान्य में पुनः अधिसूचित कराया जाए। शेषपदों के लिए निर्वाचन प्रक्रिया जारी रहेलेकिन परिणामघोषित न किए जाएं। हों। सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई से इन्कार कर दिया। इसके बाद सरकार ने मप्र पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज संशोधन अध्यादेश को वापस लेने का निर्णय लिया।

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नए परिसीमन के हिसाब से नहीं थी मतदाता सूची

मप्र पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज संशोधन अध्यादेश वापस होने के बाद मतदातासूची 2019 के परिसीमन के अनुसार नहीं रह गई थी। आरक्षण काभी वो आधार नहीं रह गया, जो पहले था। दरअसल, अध्यादेश जारी होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची का संक्षिप्त पुनरीक्षण कराया था। जिला पंचायत अध्यक्ष पद का आरक्षण भी अभी तक नहीं हुआ है। एक जनवरी सेनईमतदाता सूची भी प्रभावशील हो जाएगी।

  • 6 जनवरी को होना था त्रिस्तरीय पंचायत के पहले चरण का चुनाव। .
  • 10 दिन पहले चुनाव निरस्त कर दिए राज्य निर्वाचन आयोग ने। 
  • 2.25 लाख से ज्यादा दावेदार प्रचारमैजुटे हुए पहले और दूसरे चरण के चुनाव के लिए नाम वापसी के बाद
  • 71 हजार 398 मतदान केंद्र बनाए थे पंचायत चुनाव के लिए। 
  • 4.25 लाख कर्मचारियों को नियुक्त किया गया था चुनाव कार्य के लिए। 28 जनवरी को निर्धारित किया गया था दूसरे चरण का चुनाव।

 विशेषज्ञों ने अभिमत दिया कि जिस अध्यादेश के अधार पर चुनाव प्रक्रिया संचालित की जा रही थी, जब वो ही समाप्त हो गया तो फिर चुनाव कराने का कोई औचित्य ही नहीं वचा था।

बसंत प्रताप सिंह ने आदेश में कहा है कि त्रिस्तरीय पंचायतों का कार्यकाल मार्च, 2020 में समाप्त हो चुका है। अगामी चुनाव प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट द्वारा 17 विसंबर 2021 को पारित आदेश का पालन करते हुए जल्द प्रारंभ की जाएगी।

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