माखनलाल की यूजी-पीजी की परीक्षाओं पर कोरोना का संकट एक लाख विद्यार्थियों की परीक्षा अधर में, प्रबंधन नहीं ले पा रहा निर्णय

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय को यूजी-पीजी की परीक्षाओं पर संकट के बादल घिर आए है क्योंकि एमसीयू को परीक्षाएं कराने के लिए नो राज्यों में परीक्षा केंद्र नहीं मिल पा रहे हैं। इसके चलते एमसीयू प्रबंधन परीक्षा कौन सी पद्धति से कराना है, इसका निर्णय नहीं ले पा रहा है। इसके चलते एमसीयू के करीब एक लाख विद्यार्थियों को परीक्षाएं अधर में अटकी हुई है। जबकि विद्यार्थी किसी भी सिस्टम से परीक्षाएं देने को तैयार

सीमावर्ती राज्यों में कोरोना संक्रमण का प्रभाव ज्यादा

मप्र के सीमावर्ती राज्यों में कोरोना संक्रमण का प्रभाव ज्यादा है। एमसीयू अपनी परीक्षाओं के 9 राज्यों में परीक्षा केंद्र बनाता है। उक्त राज्यों के कई जिलों में कफ्यू जैसे हालात बने हुए हैं।

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इन राज्यों में नहीं मिली सेंटर की मंजूरी

एमसीयू को गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, बिहार, दिल्ली, छत्तीसगढ़, यूजी और अन्य राज्यों में परीक्षा केंद्र बनाने की मंजूरी नहीं मिल पा रही है। जबकि मप्र में परीक्षा कराने के लिए परीक्षा केंद्र तैयार है। इसके चलते एमसीयू परीक्षार कौन से सिस्टम से कराए निर्णय नहीं कर पा रहा है।

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विवि के पास तीन विकल्प खुले

शासन ऑफलाइन परीक्षाएं कराने का निर्णय ले चुकी है। इसलिए एमसीयू को ऑफलाइन परीक्षाएं लेने के लिए स्थिति को नियंत्रित होने का इंतजार करना होगा। एमसीयू को परीक्षा तीन सिस्टम से कराने पर निर्णय करना है। इसमें ऑफलाइन ऑनलाइन और ओपन बुक एग्जाम शामिल है। हालांकि अभी तक इस पर निर्णय नहीं हो पाया है।

ऑनलाइन परीक्षा को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई आज

विश्वविद्यालय की परीक्षाएं ऑफलाइन की बजाय अथवा ओपन बुक सिस्टम से कराए जाने को लेकर मध्य हाईकोर्ट ने बीयू प्रबंधन से दो दिन में जवाब मांगा है। हाईकोर्ट ने पूछा कि क्यों नहीं परीक्षाएं सब ऑफलाइन की बजाय ऑनलाइन कराई जाए। मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को तय की है। एलएलबी द्वितीय वर्ष के छात्र संजय शुक्ला ने इसको लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसके बाद कोर्ट ने विवी से दो दिन के भीतर जवाब मांगा था। प्रबंधन का जवाब मिलने के बाद हाईकोर्ट इस मुद्दे पर सुनवाई करेगा। परीक्षाएं 24 जनवरी से शुरू होना है।

संजलाह विश्वविद्यालय भोपाल और अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा द्वारा ऑफलाइन परीक्षा आयोजित करने से में आक्रोश है। संजय ने दायर याचिका में कहा कि जैसी – शिक्षा वैसी ही परीक्षा के सिद्धांत का पालन किया जाना चाहिए। विश्वविद्यालय ने अब तक ऑनलाइन पढ़ाई कराई तो परीक्षा भी ऑनलाइन होनी चाहिए। कोरोना वायरस संक्रमण भी लगातार बढ़ रहा है। अगर ऑफलाइन परीक्षा कराई गई, तो कई छात्र इसकी चपेट में आ सकते हैं, इस परीक्षा में कई छात्र ऐसे हैं, जो बाहर से आएंगे।

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