MP College News : विभाग की बड़ी तैयारी, DPR तैयार कर वित्त विभाग को भेजा, छात्रों को मिलेगा लाभ

MP College News : Higher education  मंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए है कि पूर्व विद्यार्थियों को महाविद्यालयों से जोड़ने के लिये एक फ्रेमवर्क तैयार करें। हर वर्ष एल्यूमिनी मीट का आयोजन करें। मध्य प्रदेश के कॉलेज छात्रों (MP College Student) के लिए बड़ी खबर है। सोमवार को विभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव (Higher Education Minister Dr. Mohan Yadav) ने कहा कि व्यावसायिक पाठ्यक्रम के तहत स्नातक प्रथम वर्ष में जैविक खेती एवं बागवानी के पाठ्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं। दोस्तों आपको बता दे की जैविक कृषि से तात्पर्य है, खेती हेतु जैविक अवयवों का उपयोग एवं रासायनिक उर्वरकों, तृण नाशकों तथा कीटनाशकों का परिष्कार| अत: जैविक कृषि को एक उत्पादन पद्धति के रूप में परिभाषित किया जा सकता है। एक विधि से मृदा की उत्पादकता, उर्वरता, कीटनाशक, एवं फफूंद नाशक में काफी मदद मिलती है।

सत्र 2021-22 में बागवानी पाठ्यक्रम पर स्टूडेंट का रुझान कैसा रहा 

प्रदेश के 346 शासकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत लगभग 76 हजार 518 विद्यार्थियों ने जैविक खेती और 196 शासकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत 14 हजार 745 विद्यार्थियों ने बागवानी पाठ्यक्रम का चयन किया है। बैठक में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि मध्य प्रदेश में 120 महाविद्यालय एकल संकाय संस्थान के रूप में हैं। प्रथम चरण में 50 महाविद्यालयों को बहुसंकायी संस्थान के रूप में उन्नयन करने के लिये डीपीआर तैयार कर वित्त विभाग को प्रेषित किया गया है।वही आयुक्त उच्च शिक्षा  दीपक सिंह ने प्रदेश के सभी शासकीय अग्रणी महाविद्यालयों को आदर्श महाविद्यालय में विकसित करने एवं शासकीय विज्ञान महाविद्यालय, उज्जैन के मॉडल को अग्रणी महाविद्यालयों में लागू करने की जानकारी दी।

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MP College News  : फ्रेमवर्क तैयार करने के निर्देश

उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि डिजिटल माध्यम का अधिकाधिक उपयोग करते हुए स्मार्ट क्लास गुणवत्तापूर्ण एवं उपयोगी हो, इसका सतत विश्लेषण और परीक्षण किया जाये। थर्ड पार्टी निरीक्षण स्वतंत्र एजेंसी से ही कराया जाये।  निष्पक्ष रूप से कमियों का आंकलन कर समीक्षा करने के निर्देश दिये। प्रदेश के विश्वविद्यालय और महाविद्यालय राष्ट्रीय स्तर पर मूल्यांकन में अग्रणी बनने के लिये विशेष प्रयास किये जायें। हर कॉलेज को अच्छी ग्रेडिंग मिले, इसके लिये पूर्व छात्रों को जोड़कर नैक रैकिंग में अच्छे ग्रेड के लिये सहयोग लें।  पूर्व विद्यार्थियों को महाविद्यालयों से जोड़ने के लिये एक फ्रेमवर्क तैयार करें। हर वर्ष एल्यूमिनी मीट का आयोजन करें। महाविद्यालयों की स्मारिका में भी पूर्व छात्रों द्वारा किये गये सहयोग को सचित्र प्रदर्शित करें।

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अब एक सत्र में दो डिग्री मान्य नहीं

अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय की ओर से ऐसे विद्यार्थियों की परीक्षाएं निरस्त कर दी गई हैं, जिन्होने एक सत्र के दौरान दो डिग्रियां हासिल कर रखी हैं। बताया गया है कि प्रशासन की ओर से कार्यपरिषद की सामान्य बैठक में लिए गए निर्णय पर किया गया है। बताया गया है कि जिन विद्यार्थियों की परीक्षाएं निरस्त की गयी है, उन्होने एक ही सत्र में अलग-अलग दो डिग्रियां हासिल की हैं। उदाहरण स्वरूप ऐसे विद्यार्थी जिन्होने एक ओर जहां उसी सत्र में एमए की परीक्षा उत्तीर्ण की है, वहीं दूसरी ओर उन्होने उसी सत्र में बीएड की डिग्री भी हासिल की है। इस तरह एक ही वर्ष में दो डिग्रियां हासिल करने के कारण विद्यार्थियों की परीक्षाएं निरस्त करने का निर्णय विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से लिया गया है। बताया गया है कि एक ही सत्र में दो डिग्री हासिल करने की अनुमति अध्यादेश 6 के अनुसार नहीं है।

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