ग्वालियर

एमपी बोर्ड : आखिर क्यू कम हो रही विद्यार्थियों की संख्या, बोर्ड को सता रही चिंता- जानें पूरी खबर विस्तार से

कोरोना की वजह से तीन साल में 10 वी एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थियों की संख्या हुई कम-

पिछले 3 साल में माध्यमिक शिक्षा मंडल में 10वी एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षा में साल वर साल विद्यार्थियों की संख्या कम होती जा रही है। इसका मुख्य कारण कोविड-19 रहा है। कोरोना की वजह से बच्चों के भविष्य पर बहुत गहरा असर पड़ा है। इस साल पिछले साल के मुकाबले 57680 विद्यार्थी अधिक है, लेकिन केवल 12वीं में 21000 विद्यार्थियों की संख्या कम हुई है। वही 10वीं की बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थियों की संख्या में इजाफा हुआ है। इस वर्ष 2021-22 में दोनों परीक्षा में 17 लाख 90 हजार विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। वही 2020-21 में विद्यार्थियों की संख्या 17 लाख32 हजार थी। कोविड की वजह से पिछले साल माध्यमिक शिक्षा मंडल ने बोर्ड की परीक्षा को रद्द कर दिया था। और छात्रों का पिछली कक्षाओं के अंकों के आधार पर उनका रिजल्ट तैयार किया था इसी का कारण था कि रिजल्ट सौ फ़ीसदी रहा। लेकिन पिछले 3 साल में 65 फ़ीसदी से ऊपर रिजल्ट नहीं रहा।

Join

| NMMS Scholarship 2021-22 Full Details

| एमपी राज्य वन सेवा भर्ती – अंतिम तिथि, अप्लाइ

| For Vaccination Certificate – How to get Vaccination Certificate

| स्कूल कॉलेज बंद – आदेश , ओमीक्रॉन का खतरा

17 फरवरी से शुरू होगी बोर्ड की परीक्षा-

माध्यमिक शिक्षा मंडल ने वार्षिक बोर्ड परीक्षा 17 फरवरी से प्रारंभ होगी। इसमें बारहवीं की 17 फरवरी से एवं दसवीं की 18 फरवरी से शुरू होगी। और जनवरी के प्रथम सप्ताह में छात्रों के एडमिट कार्ड जारी कर दिए जाएंगे। और आवेदन करने वाले विद्यार्थी माध्यमिक शिक्षा मंडल की वेबसाइट पर अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं । और साथ ही एडमिट कार्ड विद्यार्थी से संबंधित उनके विद्यालय में भेजे जाएंगे। इससे परीक्षा में शामिल होने वाले सभी विद्यार्थियों को एडमिट कार्ड प्राप्त करने में आसानी होगी।

MP Board: Why the number of students is decreasing
MP Board: Why the number of students is decreasing

आर्थिक परेशानी के कारण भी विद्यार्थियों की संख्या में हुई कमी-

उत्कृष्ट विद्यालय की पूर्व प्राचार्य सुनीता सक्सेना जी का कहना है कि कोरोना जैसी भयंकर महामारी के चलते विद्यार्थियों की संख्या में कमी हुई है। क्योंकि कई विद्यार्थी दूसरे शहर चले गए। साथ ही उनके अभिभावकों को आर्थिक तंगी ने परेशान कर लिया क्योंकि कोरोना के समय में रोजगार संबंधी कार्य लगभग बंद हो चुके थे ।सभी लोग परेशान थे। लोगों का व्यवसाय रोजगार कल कारखाने लगभग बंद हो चुके थे।

इस कारण से लगभग सभी को परेशानी का सामना करना पड़ा ऐसी स्थिति में जब लोगों के पास रोजगार नहीं होगा अपना व्यवसाय पूरी तरह से नहीं कर पाएंगे एवं कल कारखानों में कोई काम नहीं मिलेगा तो संभव है कि उनकी आर्थिक स्थिति पर भी इसका बड़ा असर पड़ेगा लगभग इसी कारण से उनकी अपनी आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई और उनके बच्चों की पढ़ाई में बाधा उत्पन्न हुई।

अगर आपको हमारे लेख से मदद मिली हो तो इसे बाकी दोस्तों के साथ भी साझा करें और हमारी वेबसाइट physishindi.com पर रेगुलर विजिट करते रहिए जिससे आप एमपी बोर्ड के दिशा-निदेर्श और पल-पल की खबर पा सकेंगे।

व्हाट्सएप पर सभी जानकारियाँ पाने के लिए यहाँ क्लिक करके आप हमारा Whatsapp ग्रुप जॉइन कर सकते है।

You may also like

इंदौर

माखनलाल की यूजी-पीजी की परीक्षाओं पर कोरोना का संकट एक लाख विद्यार्थियों की परीक्षा अधर में, प्रबंधन नहीं ले पा रहा निर्णय

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय को यूजी-पीजी की परीक्षाओं पर संकट ...

Comments are closed.