MP Board Time Table 2022 पर बड़ी खबर : परीक्षा टाइम टेबल को लेकर विद्यार्थी चिंतित, बोले बदलाव तो नहीं होगा

भोपाल : जैसे-जैसे परीक्षाओं का समय नजदीक आ जाता जा रहा है, ठीक वैसे ही विद्यार्थियों की चिंताएं बढ़ रही है। सबसे ज्यादा विद्यार्थियों की चिंता नये ओमिक्रॉन वायरस को लेकर हैं। मंडल की हेल्पलाइन में फोन करके विद्यार्थी जो सवाल पूछ रहे हैं। हर दिन ऐसे ढाई से लेकर तीन सौ विद्यार्थी काउंसलरों को फोन कर रहे हैं।

ओमिक्रॉन के भी बढ़ रहे केस

विद्यार्थियों द्वारा अपनी समस्या में ओमिक्रॉन वायरस का खासकर जिक्र किया जा रहा है। विद्यार्थी पूछ रहे हैं कि कहीं तीसरी लहर तो नहीं आ जाएगी। अगर ऐसा है तो फिर टाइम टेबल तो नहीं बदल जाएगा। माध्यमिक शिक्षा मंडल की हेल्प लाइन में काउंसलर्स का कहना है कि विद्यार्थी परीक्षा टाइम टेबल को लेकर सबसे ज्यादा शंका जाहिर कर रहे हैं। मौजूदा समय में इनका एक ही सवाल है कि टाइम टेबल तो नहीं बदला जाएगा। क्योंकि लगातार ओमिकॉन के मरीज मध्यप्रदेश में बढ़ रहे हैं। विद्यार्थी यह भी सवाल पूछ रहे हैं कि अगर तीसरी लहर आती है, तो क्या पहले से जारी टाइम टेबल के अनुसार परीक्षाएं होंगी या फिर इन में परिवर्तन किया जाएगा।

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जो कोर्स काटा गया उसमें से तो नहीं आएंगे प्रश्न…

विद्यार्थियों की दूसरी चिंता यह है कि इस वर्ष सिलेबस में कटौती की गई है। अब जो सिलेबस काटा गया है। कहीं उसमें से प्रश्न तो नहीं आ जाएंगे। इस बात की शंका भी विद्यार्थी जाहिर कर रहे हैं। क्योंकि इस बार पाठ्यक्रम में कटौती की गई है। कोरोना की दूसरी लहर के कारण विलंब से स्कूल खुलने के चलते मंडल ने कटौती का कदम उठाया था। उसका एक भी प्रश्न विद्यार्थियों ने नहीं पढ़ा है। मंडल का कहना है कि इन दोनों ही बातों को लेकर इस समय विद्यार्थी सबसे अधिक परेशान हैं। इसके लिए हेल्पलाइन में बैठे काउंसलर भी लगातार विद्यार्थियों की समस्याओं को दूर कर रहे हैं।

MP Board Time Table 2022 students call
MP Board Time Table 2022 students call

हेल्पलाइन में काउंसलर द्वारा बताया जा रहा है कि इस समय विद्यार्थी तीसरी लहर को लेकर अपनी चिंताएं छोड़ दें। वे इस वक्त अपना पूरा ध्यान अपनी पढ़ाई पर केंद्रित करें। उन्हें बताया जा रहा है कि अगर तीसरी लहर आती है तो फिर यह शासन का निर्णय होगा कि उसे क्या करना है। इन बातों पर ध्यान देने की वजह है वह अपना पूरा समय अध्यापन में गुजारें। इसके अलावा जिस सिलेबस में कटौती की गई है, उससे कोई प्रश्न परीक्षाओं में नहीं आएंगे। जितना सिलेबस पढ़ाया गया है, उसी में से वह परीक्षाएं देंगे।

मंडल के हेल्पलाइन प्रभारी हेमंत शर्मा का कहना है कि प्रतिदिन 250 से लेकर 300 विद्यार्थियों द्वारा फोन किए जा रहे हैं। 1 दिसंबर से मंगलवार 28 दिसंबर में 6 हजार 192 विद्यार्थियों द्वारा फोन कर अपनी समस्याओं का समाधान करवाया गया है।

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