बोर्ड परीक्षाओं के लिए पर्याप्त समय न मिलने से छात्र – छात्राओं में निराशा का माहौल

समाजवादी जन परिषद के नेता अजय खरे ने कहा है कि सीबीएसई बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 26 अप्रैल से हो रही हैं वहीं मध्य प्रदेश बोर्ड के छात्रों की तैयारी न होने के बावजूद प्रदेश में परीक्षाएं 17 – 18 फरवरी से शुरू होने जा रही है जबकि देश के अन्य राज्यों में मार्च और अप्रैल में हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षाएं आयोजित है। श्री खरे ने कहा कि बेहतरीन परीक्षा परिणाम के लिए सरकार को परीक्षार्थियों को अध्ययन का पर्याप्त समय उपलब्ध कराना चाहिए। छात्रों को कृपांक नहीं उनकी योग्यता के अनुसार मिलना चाहिए। बोर्ड परीक्षा की सही तैयारी छात्रों के भविष्य को तय करेगी। कोरोना की सरकारी गाइडलाइन के चलते मध्यप्रदेश के स्कूलों में छात्र छात्राओं की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी सही तरीके से नहीं हो पाई है और माध्यमिक शिक्षा मंडल के द्वारा इधर जल्दी ली जाने वाली परीक्षाओं के लिए छात्र छात्राएं पूरी तरह तैयार नहीं है।

Join

पाठ्यक्रम पूरा कराए बिना इस बार परीक्षाएं निर्धारित समय से पूर्व शुरू कराई जा रही हैं, जबकि कोरोना के नाम पर अधिकांश समय स्कूल नहीं लगे ज्यादातर घर पर ऑनलाइन पढ़ाई कराई गई लेकिन परीक्षाएं ऑफलाइन आयोजित की जा रही हैं जिससे परीक्षार्थियों की मुश्किलें काफी बढ़ेंगी ऑनलाइन पढ़ाई के चलते छात्र छात्राओं का लिखने का अभ्यास बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इधर प्री बोर्ड परीक्षा के तत्काल बाद बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन से छात्रों छात्राओं पर मानसिक दबाव बढ़ गया है। देखने को मिलता है कि खासतौर से गरीब वर्ग एवं ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई भी आर्थिक स्थिति एवं नेटवर्क के कारण सही तरीके से नहीं हो पाई है। वहीं दूसरी ओर सीबीएसई द्वारा संचालित कक्षाएं सही तरीके से संचालित की गईं और उनकी परीक्षा तिथि 26 अप्रैल से रखी गई है। श्री खरे ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि मध्य प्रदेश बोर्ड की परीक्षाएं भी सीबीएसई की तरह अप्रैल माह में आयोजित की जाएं।

12वीं तक के स्कूल कल से पूरी क्षमता से खुलेंगे, मास्क पहनना अनिवार्य:-

कोरोना संक्रमण थमने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने पूरी क्षमता के साथ, स्कूल खोलने का निर्णय लिया है। विभाग ने शनिवार को आदेश जारी कर कहा है कि 14 फरवरी से स्कूल, छात्रावास, आवासीय विद्यालय पूरी क्षमता से खुल सकेंगे। इसमें कहा गया है  कि कक्षा पहली से हायर सेकंडरी तक की कक्षाएं पूरी क्षमता के साथ लगाई जा सकेंगी, लेकिन कोविड प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करना होगा। शिक्षक, स्कूल स्टॉफ सहित विद्यार्थियों को मास्क लगाना अनिवार्य होगा। वहीं विद्यार्थियों से कक्षाओं में सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन कराया जाएगा। नियमों का पालन कड़ाई से कराने की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की रहेगी। ज्ञात है कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण बढ़ने पर सरकार ने दिसंबर 2021 से 50 प्रतिशत क्षमता के साथ स्कूल खोलने के निर्देश जारी किए थे। जनवरी में संक्रमण दर ज्यादा रही। इसलिए 15 से 31 जनवरी तक स्कूल बंद रखे गए। एक फरवरी से फिर 50 प्रतिशत क्षमता के साथ स्कूल खोले जा रहे थे। अब संक्रमण नियंत्रण में है, इसलिए पूरी क्षमता से स्कूल खोले गए हैं।

mp Board student not prepare
mp Board student not prepare 

प्रदेश बोर्ड की परीक्षाएं भी सीबीएसई की तरह अप्रैल में आयोजित हों:-

छात्रों और अभिभावकों का मांग है कि प्रदेश बोर्ड की परीक्षा भी सीबीएसई की तरह अप्रैल में आयोजित हो। बोर्ड परीक्षा की सही तैयारी छात्रों के भविष्य को तय करेगी। कोरोना की सरकारी गाइडलाइन के चलते मध्यप्रदेश के स्कूलों में छात्र छात्राओं की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी सही तरीके से नहीं हो पाई है और माध्यमिक शिक्षा मंडल के द्वारा इधर जल्दी ली जाने वाली परीक्षाओं के लिए छात्र छात्राएं पूरी तरह तैयार नहीं है।

“बोर्ड परीक्षा के लिए TIPS & TRICKS के लिए यहाँ पर क्लिक करें। ”

JOIN WHATSAPP GROUP CLICK HERE
JOIN TELEGRAM GROUP CLICK HERE
PHYSICSHINDI HOME CLICK HERE

Leave a Comment