MP Board Grace Mark 2022 – ग्रेस अंक देने का लिया फैसला, सभी छात्र पास

MP Board Grace Mark 2022 – एमपी बोर्ड में ग्रेस मार्क वह होता है जो बच्चे 2,3 नंबर से फेल हो रहे होते हैं, उन्हें 2,3 मिल नंबर जाता है जिससे वह छात्र-छात्राएं पास हो सके। लेकिन हां यह बात हम आपको बता दें कि यह ग्रेस मार्क तभी मिलता है जब अगर आप किसी एक विषय में फेल हो रहे होते हैं वह भी 2,3 नंबर से फेल हो रहे होते हैं तब। विद्यार्थियों हम आपको बता दें कि ग्रेस मार्क कोई अच्छी बात नहीं है इसका मतलब होता है कि आपको जबरदस्ती पास किया गया है। माना कि एमपी बोर्ड 2022 में ग्रेस मार्क हटा दिया गया है लेकिन फिर भी यह दिया जाता है।

MP Board Grace Mark 2022

विद्यार्थियों आपको बता दिया जाए कि ग्रेस मार्क पहले जब देते थे तो रिजल्ट में लिखा होता था। लेकिन अब ऐसा नहीं है अब ग्रेस मार्क दिया जाता है लेकिन लिखा नहीं होता है मतलब कि रिजल्ट में नहीं दिखता है कि आपको ग्रेस मार्क देकर पास किया गया है। क्यों अभी से क्या नुकसान होते हैं क्या फायदा होता है किन कंडीशन में दी जाती है। एमपी बोर्ड ने कहा है कि यदि कोई उम्मीदवार न्यूनतम उत्तीर्ण अंक (33 प्रतिशत) प्राप्त करने में विफल रहता है, तो छात्रों को अनुग्रह अंक दिए जाएंगे और उन्हें अगली कक्षा में पदोन्नत किया जाएगा।

जो उम्मीदवार प्री-बोर्ड या यूनिट टेस्ट सहित पूरे वर्ष किसी भी परीक्षा में शामिल नहीं हुए, उन्हें असफल माना जाएगा। उन्हें 10वीं कक्षा को दोहराना होगा और अगले साल बोर्ड परीक्षा देनी होगी। निजी मोड में बोर्ड के लिए उपस्थित होने वाले उम्मीदवारों के लिए, कोई गुंजाइश या आंतरिक मूल्यांकन नहीं है। उम्मीदवारों को पिछले वर्ष में उनके द्वारा प्राप्त पांच विषयों में से सर्वश्रेष्ठ के औसत के आधार पर अंक दिए जाएंगे। यदि उम्मीदवार बोर्ड परीक्षा पास करने में विफल रहते हैं, तो उन्हें 33 अंक दिए जाएंगे और उन्हें अगली कक्षा में पदोन्नत किया जाएगा।

MP Board Grace Mark kya hota h

यदि कोई छात्र उन्हें दिए गए अंकों से नाखुश है, तो वे बाद में लिखित परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। लेकिन एमपी बोर्ड में कुछ बदलाव हुए हैं 2022 में तो 70 अंको वाले सब्जेक्ट में छात्र को कम से कम 23 अंक लाना अनिवार्य होता है और 80 अंक वाले सब्जेक्ट में छात्रों को 26 अंक लाना अनिवार्य होता है। इसलिए छात्रों का अगर 24 अंक भी आता है तो उस छात्र को पास कर दिया जा सकता है लेकिन किसी एक विषय में ऐसा हो तो। अगर ऐसा एक से ज्यादा विषय में होगा तो वह छात्र पास नहीं किया जाएगा।

MP Board Grace Mark 2022 Overview

Board MPBSE
State Madhya Pradesh
Class 9th – 12th
Academic Year 2022
Query Grace Mark
Stream All
Category Result
Official Website mpbse.nic.in
MP Board Grace Mark 2022
MP Board Grace Mark 2022

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एमपी बोर्ड परीक्षा शुरू होने से पहले इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (आईसीएसई) बोर्ड ने एक नया फैसला किया है। इसके तहत 10वीं के बोर्ड एग्जाम में ग्रेस मार्क्स की बदौलत अब स्टूडेंट्स पास नहीं हो पाएंगे। इसके लिए उन्हें एक्जाम के दौरान बेहतर परफॉर्मेंस देनी होगी। पहले मिलती थी ग्रेस मार्क्स अब नहीं मिलेगी अब आपकी परफॉर्मेंस बेस्ट रहेगा तू मिलेगा ग्रेस मार्क्स मतलब की ग्रेस मार्क्स लेकिन रिजल्ट में लिखा नहीं रहेगा। पहले ग्रेस मार्क्स मेंशन रहता था। हाल ही में मानव संसाधन मंत्रालय के निर्देश पर आईसीएसई बोर्ड परीक्षा से पहले बदलाव का फैसला लिया है।

2018 बोर्ड की परीक्षा में ग्रेस मार्क्स नहीं दिए जाएंगे, जबकि बोर्ड नए पैटर्न पर स्टूडेंट्स को उनकी एक्चुअल मार्किंग के आधार पर पास और फेल कर सकता है। बोर्ड की मानें तो इसका असर बड़ी संख्या में कम अंक लाने वाले स्टूडेंट्स पर पड़ेगा। इससे जो स्टूडेंट्स परीक्षा में पास होने के लिए 2 या 3 अंकों से रह जाते थे, उनकी मुश्किल बढ़ जाएगी। आईसीएसई बोर्ड के टीचर्स के मुताबिक भले ही यह फैसला पहले टिपिकल लगे, बाद में इसके परिणाम बेतहर आएंगे। उनके मुताबिक इससे स्टूडेंट्स को पहले से ही मेहनत करने की आदत डालनी होगी। लेकिन प्रिय विद्यार्थियों आपको बता दे की ग्रेस मार्क्स कोई अच्छी बात नहीं है यहां आपको टीचर जबरदस्ती पास करता है।

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अब तक ग्रेस मार्क में स्टूडेंट्स को मिलते थे पांच अंक-

एमपी बोर्ड 2022 में बदलाव कर दिया गया है पहली स्टूडेंट बोर्ड परीक्षा में मिलने वाले ग्रेस मार्क्स 5 नंबर देने का प्रावधान था। लेकिन यह भी तब ऐसा होता था जब छात्र एक विषय में फेल होता था अगर उसी जगह पर दो सब्जेक्ट में ऐसा होगा तो वह छात्र फेल माना जाता था या कर दिया जाता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब ग्रेस मार्क्स तो दिए जाएंगे लेकिन रिजल्ट में मेंशन नहीं होगा कि आपको ग्रेस देकर पास किया गया है।

कई बार स्टूडेंट्स यदि इतने नंबर से असफल होते थे तो वह ग्रेस अंक के आधार पर अगली क्लास में एलिजिबल हो जाते थे। इस बदलाव से स्टूडेंट को अब और कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों के आधार पर सभी स्कूलों को परीक्षा से पहले ही यह बदलाव अपनाना होगा। माध्यमिक शिक्षा मंडल के द्वारा यह बदलाव किया गया है कि स्टूडेंट्स की परफॉर्मेंस को देखते हुए ग्रेस मार्क्स दिया जाएगा। ग्रेस मार्क्स तभी मिलेगा जब पासिंग से 3,4 नंबर कम हो इससे ज्यादा कम होगा तो वह छात्र फेल हो जाएगा।

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