सभी आदेश कर दिए दरकिनारः दो छात्राएं हुईं परीक्षा से वंचित – Mp board exam student suspend

कन्या उ. मा. विद्यालय मझौली का मामला राज्य शासन एवं शिक्षा विभाग के द्वारा भले ही किसी भी परीक्षार्थी को किसी भी स्थिति में परीक्षा से वंचित न किए जाने के कड़े आदेश जारी किए गए हैं लेकिन सभी आदेशों को दरकिनार कर 2 आदिवासी छात्राओं को वैक्सीन के दोनों डोज लगवाने के बावजूद तकनीकी कारणों से प्रमाणपत्र न प्राप्त होने व जमा न कर सकने की स्थिति में उन्हें परीक्षा से वंचित किए जाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है।

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सभी आदेश कर दिए दरकिनारः दो छात्राएं हुईं परीक्षा से वंचित

बताते चलें कि शासकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय मझौली में अध्ययनरत कक्षा दसवीं की छात्रा सिंपल कोल पुत्री अशोक कोल निवासी देवरी एवं किरण कोल पुत्री पन्नेलाल कोल निवासी देवरी इन दोनों छात्राओं की माने तो कोविड-19 वैक्सीन की दोनों डोज का टीकाकरण हो चुका है किन्तु सर्वर या तकनीकी खराबी के कारणों से उनका प्रमाण पत्र नहीं निकल सका जिस कारण से विद्यालय में छात्राओं के द्वारा प्रमाण पत्र जमा न कर सकते के कारण उन्हें प्रवेश पत्र न दिए जाने की वजह से दोनों को परीक्षा से वंचित होना पड़ा, जिससे छात्राओं को जहां मानसिक आघात पहुंचा है वहीं अभिभावक माता-पिता भी आर्थिक व मानसिक रूप से काफी आहत और परेशान हैं।

Mp board exam student suspend
Mp board exam student suspend

मामले की जानकारी जैसे ही सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. मनोज कोल निवासी नीढिया को हुई तो उन्होंने दोनों छात्राओं के आवास पर जाकर मामले की विस्तृत जानकारी लेकर उपखंड अधिकारी मझौली से मुलाकात कर मामले की गंभीरता को देखते हुए उचित कार्यवाही करने का आग्रह किया गया। वहीं विद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेंद्र सिंह ने कहा कि उनके द्वारा सभी परीक्षार्थियों का प्रवेश पत्र तैयार कर परीक्षा प्रभारी को दे दिया गया था अब उनकी जिम्मेवारी है कि सभी को परीक्षा के पूर्व वितरित करें।

मामले को लेकर गंभीर दिखे कलेक्टर

इस गंभीर मामले को लेकर मीडिया के द्वारा जब कलेक्टर मुजीबुर्रहमान खान से दूरभाष पर चर्चा की गई तो उनके द्वारा जांच एवं उचित कार्यवाही करने का भरोसा दिलाया गया वहीं जोर देकर कहा गया कि वैक्सीन प्रमाण पत्र का परीक्षा को लेकर न तो कोई बाध्यता है और ना ही ऐसा होना चाहिए अगर किसी के द्वारा इस तरह लापरवाही बरती गई है तो जांच कराकर दोषी के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

हम गरीब मजदूर लोग तंगहाली के बावजूद किसी तरह अपने बेटी को पढ़ाने का प्रयास करते हैं लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण परीक्षा से वंचित कर बच्ची के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया जिम्मेदारों के खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए।

शकुंतला कोल – माता परीक्षार्थी

हमारे पति बाहर जाकर मजदूरी करते हैं और बेटी को पढ़ाते हैं लेकिन जिस तरह विद्यालय द्वारा परीक्षा देने से रोका गया है वो गलत है हमें न्याय मिलना चाहिए क्योंकि हमारी बच्ची के भविष्य का सवाल है।

कलावति कोल – माता परीक्षार्थी

महत्वपूर्ण जानकारियाँ —

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