3 साल का अनुभव वाले शिक्षक ही जाचेंगे कॉपी | Mp board exam copy checking news

माध्यमिक शिक्षा मंडल ने आयोजित होने वाली कक्षा दसवीं एवं बारहवीं की उत्तर पुस्तिकाओं को समय सीमा में मूल्यांकन कराए जाने हेतु मूल्यांकन व्यवस्था के लिए मापदण्ड निर्धारित कर दिए हैं। तीन वर्ष पढ़ाने का अनुभव रखने वाले शिक्षक ही बोर्ड की कॉपियों को जांच सकेंगे। इससे कम अनुभव रखने वाले शिक्षकों की ड्यूटी कॉपी जांचने के लिए नहीं लगाई जाएगी।

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3 साल का अनुभव वाले शिक्षक ही जाचेंगे कॉपी

उच्चतर माध्यमिक शिक्षक और माध्यमिक शिक्षक संवर्ग के शिक्षक जो कम से कम नियमित तीन वर्ष से अध्यापन कार्य कर रहे हैं उनको सेवाएं भी पर्यवेक्षकों के रूप में ली जा सकेंगी। ऐसे सहायक शिक्षक जो स्नातक एवं स्नातकोत्तर हों एवं निरंतर तीन वर्षों से कक्षा दसवीं एवं बारहवीं में अध्ययन कार्य कर रहे हैं उन्हें भी पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया जाएगा। हाईस्कूल परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं में पर्यवेक्षक के लिए स्नातक एवं हायर सेकेण्ड्री परीक्षा की उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन हेतु संबंधित विषय में स्नातकोत्तर होना अनिवार्य होगा।

  • मंडल ने तय किए उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन के नियम
  • 3 साल का अनुभव रखने वाले शिक्षक ही जांच सकेंगे कॉपी
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गौरतलब है कि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर मण्डल ने कई दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही गोपनीय तरीके से कॉपियों का मूल्यांकन किया जाएगा। शिक्षकों को इसकी जानकारी नहीं होगी कि वह किसकी कॉपी का मूल्यांकन कर रहे हैं। साथ ही मण्डल ने कॉपियों का मूल्यांकन करने वाले शिक्षकों को मोबाइल लेकर आने पर रोक लगाई है।

सेवानिवृत्त शिक्षक बन सकेंगे पर्यवेक्षक

इस बार उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन करने के लिए बोर्ड ने बदलाव किया है। जिसमें कहा गया है कि पिछले पांच वर्षों में शासकीय सेवा से सेवानिवृत एवं इच्छुक शिक्षकों को पर्यवेक्षक बनाया जा सकेगा। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से पिछले पांच वर्षों में सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों एवं प्राचार्यों के नाम, पते ज्ञात कर उनकी सहमति लेकर पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्ति की जा सकेगी। यही नहीं इस नियुक्ति में समिति के अनुमोदन की आवश्यकता होगी। जिसके बिना नियुक्ति नहीं की जाएगी।

अशासकीय शिक्षकों की लगेगी ड्यूटी

मंडल ने तय किए गए मापदण्ड एवं जारी किए गाइड लाइन में कहा है कि अशासकीय शिक्षण संस्थाओं के उन शिक्षकों को पर्यवेक्षक के रूप में चयनित किया जा सकेगा जिन्होंने संस्था में लगातार पांच वर्ष तथा कम से कम तीन वर्ष तक संतोषजनक कार्य किया है। यही नहीं इस आशय का अध्यापन प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद एवं डीईओ तथा प्राचार्य समन्वयक संस्था द्वारा अनुभव प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा। इसकी जांच के बाद ही पर्यवेक्षक के रूप में अशासकीय शिक्षक को नियुक्त किया जाएगा।