MP Board Exam 2022 Postpond होंगे? – छात्रों के लिए बड़ी खबर- Full details

MP Board Exam 2022 Postpond : मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की दसवीं व बारहवीं की परीक्षाएं 17 फरवरी से आयोजित हो पाने की संभावना काफी कम है। माशिमं ने इनकी समय सारिणी जारी कर दी थी, लेकिन एक माह का समय शेष है और अब तक जिलों में परीक्षा केंद्र ही तय नहीं हो पाए हैं।

Table of Contents

MP Board Exam 2022 Postpond होंगे?

कोरोना को देखते हुए इस साल 10 प्रतिशत अधिक केंद्र बनाए जाने हैं। परीक्षा केंद्रों की सूची तैयार नहीं हो पाई है, न ही निरीक्षण हो पाया है। इसी बीच, कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण प्रदेश भर के स्कूल 31 जनवरी तक बंद कर दिए गए हैं। अगर पिछले साल की तरह परीक्षा निरस्त हुई तो मंडल ने इसकी तैयारी भी कर ली है। मंडल ने स्कूलों से तिमाही, छमाही और प्री-बोर्ड के अंक 31 जनवरी तक मांगे हैं। अभी तक 60 प्रतिशत स्कूलों ने आनलाइन अंक भेजे हैं।

इसमें निजी स्कूलों के विद्यार्थियों के अंक लगभग दर्ज हो चुके हैं, जबकि सरकारी स्कूलों के 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों के नंबर दर्ज नहीं हो पा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इस साल बोर्ड परीक्षा के लिए 4000 से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। 2020 में 3,564 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। वहीं, इस साल 17.90 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। 2020 में 17.32 लाख विद्यार्थी शामिल थे, यानी इस साल 58 हजार विद्यार्थी ज्यादा होंगे।

माशिमं ने अब तक तय नहीं किए परीक्षा केंद्र

इस साल 10 प्रतिशत अधिक परीक्षा केंद्र बनाए जाने है

MP Board Exam 2022 Postpond
MP Board Exam 2022 Postpond

मंडल के अधिकारियों ने बताया कि इस साल परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षित शारीरिक दूरी का पालन करने के लिए निजी स्कूलों में परीक्षा केंद्र अधिक बनाए जाएंगे। जिन लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआइ) नौवीं से बारहवीं तक की तिमाही वछमाही की परीक्षा संपन्न करा चुका है। अब प्री-बोर्ड परीक्षा 20 जनवरी से शुरू होगी। परीक्षा होने के बाद मंडल ने नौवीं से बारहवीं तक के सभी विद्यार्थियों के आनलाइन नंबर मांगे है। इसमें मंडल ने विद्यार्थियों के लिए आनलाइन फार्मेट भी दिया है।

रिजल्ट बनाने में होगी परेशानी

निजी स्कूलों के 11 वी- 12वीं के विद्यार्थियों के नंबर मंडल के नियमों के अनुसार थ्योरी के 70 अंक व प्रैक्टिकल के 30 अंक के अनुसार भरे जा रहे है, लेकिन सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के नंबर दर्ज नहीं हो पा रहे है। इन विद्यार्थियों की तिमाही वछमाही परीक्षा थ्योरी के 80 व प्रैक्टिकल के 20 नंबर के आधार पर हुई थी। इससे सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी परेशान हो रहे हैं। मंडल भी समझ नहीं पा रहा है कि निजी व सरकारी स्कूलों की परीक्षा में विद्यार्थियों के अलग-अलग नंबर को कैसे दर्ज किए जाए। अलग-अलग नंबर होने से वार्षिक परीक्षा का रिजल्ट बनाने या उन्हें वेटेज देने में परेशानी होगी।

परीक्षा केंद्र में होगी व्यवस्था

स्कूलों में बैठने के लिए फर्नीचर, बिजली, पानी, शौचालय, हैंडवाश यूनिट, कंप्यूटर व प्रिंटर की व्यवस्था होगी, केवल उन्हीं को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। वहीं, मंडल द्वारा इस बार स्वाध्यायी छात्र-छात्राओं के परीक्षा केंद्र तीन किमी की सीमा के अंदर बनाने का निर्णय लिया गया है।

दसवीं व बारहवीं की बोर्ड परीक्षा जरूर होगी। कोरोना की परिस्थितियों को देखकर परीक्षा कराई जाएगी। परीक्षा आफलाइन ही ली जाएगी, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी आनलाइन सुविधा कम है। इंदर सिंह परमार, स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री, मध्य प्रदेश

दसवीं-बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं में बच्चों की सुरक्षा के लिए केंद्र की गाइडलाइन का होगा पूरा पालन

अगले महीने से होने वाली दसवीं बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए मंडल बच्चों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से सतर्क दिख रहा है। कारण है कि एक तरफ कोरोना की तीसरी लहर ने दस्तक दे दी तो दूसरी ओर सुरक्षित रूप से परीक्षाएं भी करवाना है।

विधार्थियों पर रखी जाएगी नज़र

माध्यमिक शिक्षा मंडल का कहना है कि परीक्षाओं के दौरान भारत सरकार की गाइड लाइन का पूरा पालन होगा। कोरोना वायरस से बचाव के लिए बच्चों को मास्क लगाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। मंडल में अधिकारियों का कहना है कि हर बच्चे पर नजर रखने के लिए शिक्षा अधिकारियों से कहा गया है। यह जवाबदारी केन्द्राध्यक्षों की होगी कि यदि कोई बच्चा उन्हें मानसिक या फिर शारीरिक रूप से थका हुआ दिखता है तो तत्काल उसे चेकअप कराने की सलाह दी जाए। ताकि बीमारी के बारे में पता चल सके। अधिकारियों का कहना है कि भारत सरकार की जो गाइड लाइन है।

परीक्षाओं के दौरान उसका पालन करवाया जाएगा। कोरोना से बचाव के विशेष इंतजाम होंगे। पूर्व की तरह मूल्यांकन केन्द्रों पर व्यवस्थाएं रहेंगी। इसके लिए परीक्षा केन्द्रों का निर्धारण करते समय ही केन्द्राध्यक्षों को सभी दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं।