ग्वालियर

MP Board Update : सालाना पैटर्न के बजाए अब विद्यार्थियों का लगातार वैल्यूएशन

ग्वालियर : नमस्कार दोस्तों MP BOARD लगातार परीक्षा परिमाण को लेकर कुछ न कुछ प्रयोग करता रहता है जिसमे अभी कुछ समय पहले सुपर 5 पद्धति system लागू किया गया जिसके अनुसार विद्यार्थी को अपने पसंद के पांच बिषय में परीक्षा पास करना होता है उसी के आधार पर रिजल्ट तैयार किया जाता है जिसमे इयरली एग्जाम कराये जाते है अभी हाल ही mp board द्वारा कुछ सुझाब मांगे गए जिसमे सीबीएसई के तर्क पर सेमेस्टर system पर विचार किया जा रहा बोर्ड हमेशा मूल्याङ्कन को लेकर कुछ न कुछ प्रयोग करता है दोस्तों आपको बता दे. मूल्यांकन वह प्रक्रिया है जिसके आधार पर हम किसी छात्र के ज्ञान का आकलन करते हैं। मूल्यांकन के द्वारा ही छात्र की किसी विषय में कमियों, उसकी किसी विषय के प्रति रूचि और उसकी प्रतिभा का आकलन किया जाता है।

स्कूलों में अब विद्यार्थियों का लगातार वैल्यूएशन

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 प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई और परीक्षा के मूल्यांकन का सिस्टम बदलने की कवायद की जा रही है। स्कूलों में सालाना मूल्यांकन की जगह सतत यानी लगातार मूल्यांकन किए जाने का सिस्टम लागू किया जाएगा। मप्र का स्कूल शिक्षा विभाग ऐसे कई बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। शिक्षा विभाग और मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधिकारियों ने गुरुवार को खत्म हुए राष्ट्रीय सेमिनार में इस तरह के कई सुझाव रखे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर अमल करने की तैयारी के मामले में भी मप्र अन्य राज्यों से आगे निकल गया है। यहां जल्द ही इस नीति पर अमल शुरू कर दिया जाएगा। वजह यह है कि देशभर में मप्र इकलौता ऐसा राज्य है, जिसने देशभर के शिक्षा मंडल के अधिकारियों और शैक्षणिक विशेषज्ञों को इकट्ठा करके शिक्षा नीति पर अमल का मसौदा तैयार कर लिया है।

क्या होगा जब इयरली एग्जाम न होकर वैल्यूएशन होगा

mp board evaluation
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मंडलों की कार्यप्रणाली में सुधार और राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर अमल करने संबंधी राष्ट्रीय सेमिनार हुआ। कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस राष्ट्रीय सेमिनार में स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री इंदर सिंह परमार ने भी कई सुझाव रखे। दिल्ली, बेंगलुरु सहित अन्य शहरों से आए एनसीआरटी, सीबीएसई और आईसीएसई के विशेषज्ञों अनूप राजपूत, श्रीधरन राजगोपालन, जयश्री ओझा समेत कई एक्सपर्ट ने प्रेजेंटेशन दिए।

एमपी बोर्ड ने क्या कहा जाने – कक्षा 11वीं से सब्जेक्ट का बंधन खत्म किया जाएगा… एमपी बोर्ड की ओर से अधिकारियों ने सुझाव रखते हुए कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य की भलाई के लिए 11वीं कक्षा में लिए जाने वाले सब्जेक्ट का बंधन खत्म किया जाना चाहिए। यदि कोई स्टूडेंट मैथ्स के साथ कॉमर्स या कॉमर्स के साथ मैथ्स लेना चाहता है तो उसे यह स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।

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