MP Board best of five yojana 2022-23: BFY के कारण बच्चों का परफार्मेंस हो रहा खराब

मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा है कैद होने वाली विज्ञान जिला परिषद में को आसानी से पास होने की सहूलियत के कारण शासन द्वारा एक योजना लागू की गई l जिसका नाम MP Board best of five yojana 2022-23 है l इस योजना की शुरुआत सन 2017 में हुई l जिसमें कक्षा दसवीं जिंदगी कोई विद्यार्थी पांच विषय में पास हो जाता है, और एक विषय में फेल होता है, तो उसे MP Board best of five yojana के तहत पास मन जायेगा l

MP Board best of five yojana 2022-23

मप्र बोर्ड में दसवीं का रिजल्ट कम होने के डर के कारण स्कूल शिक्षा विभाग ‘बेस्ट आफ फाइव’ योजना को समाप्त करने का निर्णय नहीं ले पा रहा है, जबकि माध्यमिक शिक्षा मंडल इस योजना की कमियां गिनाते हुए उसे समाप्त करने का प्रस्ताव प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा के पास भेज चुका है। मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल की दसवीं परीक्षा में छह विषय होते है। इसमें हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, सामाजिक विज्ञान, गणित व विज्ञान शामिल है। साथ नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के विषय भी रहेंगे। इससे दसवीं में कुल सात विषय हो रहे है।

इस संबंध में मंडल ने निर्देश जारी किए है कि दसवीं के विद्यार्थियों को हिंदी व अंग्रेजी लेना अनिवार्य होगा। साथ ही विज्ञान गणित व सामाजिक विज्ञान मुख्य विषय रहेंगे। छटवें विषय के रूप में विद्यार्थी संस्कृत या एनएसक्यूएफ में से कोई एक विषय ले सकते है। इस संबंध में मंडल ने निर्देश जारी कर दिए है। हालांकि विभागीय अधिकारियों की मानें तो मंडल के संस्कृत को वैकल्पिक विषय करने के संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग सहमत नहीं है।

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MP Board best of five yojana 2022-23

Title MP Board best of five yojana 2022-23
Organization Madhya Pradesh Board of Secondary Education, Bhopal
Class 10th
Session 2022-23
Scheme Best of Five Scheme
Launched on 2017
Expire on 2022
Official website mpbse.nic.in

 

MP Board best of five yojana 2022-23`
MP Board best of five yojana 2022-23

MP Board best of five yojana से सिस्टम ख़राब 

आगामी सोमवार तक स्कूल शिक्षा विभाग मंडल के उक्त आदेश को निरस्त कर सकता है, जबकि मंडल का संस्कृत को वैकल्पिक विषय के रूप में लेने के संबंध में तर्क यह है कि अंग्रेजी को वैकल्पिक विषय किया, तो विद्यार्थी सबसे पहले इसे छोड़ेंगे। शासन पहले ही बेस्ट आफ फाइव लागू करके विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है। यदि अंग्रेजी को भी वैकल्पिक विषय के रूप में किया गया, तो आगामी समय में छात्र के भविष्य पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।

  • ‘बेस्ट आफ फाइव’ योजना के पक्ष में नहीं माशिमं, शासन को भेजा प्रस्ताव
  • ‘बेस्ट ऑफ फाइव’ के कारण बच्चों का परफार्मेंस हो रहा खराब
  • इस योजना को समाप्त करने को लेकर शासन असमंजस में

शासन को भेजा गया है प्रस्ताव

मंडल की दसवीं परीक्षा में वर्तमान नवीन शैक्षणिक सत्र से बेस्ट आफ फाइव को समाप्त करने का प्रस्ताव माशिमं की पाठ्यचर्या समिति ने भेजा है। मंडल ने बेस्ट आफ फाइव की कई कमियां गिनाई हैं। इसमें मप्र के विद्यार्थियों को आर्मी के फार्म भरने के योग्य न होने तक की बात कही गई है l बावजूद इसके स्कूल शिक्षा विभाग अब एक बार फिर से मंडल की छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करते हुए उसे समाप्त करने का निर्णय नहीं ले पा रहा है l

बेस्ट आफ फाइव 2017 से लागू

मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल की दसवीं परीक्षा में विद्यार्थियों का रिजल्ट बढ़ाने के लिए वर्ष 2017 में ‘बेस्ट आफ फाइव’ योजना को लागू किया गया। इस योजना के तहत दसवीं के छह विषयों में पांच विषय में पास होना अनिवार्य है। इस योजना के लागू होने के बाद अधिकांश छात्रों ने एक विषय के रूप में गणित व अंग्रेजी को पढ़ना बंद कर दिया । इसे देखते हुए मंडल ने दसवीं में ‘बेस्ट आफ फाइव’ को समाप्त करने के लिए अक्टूबर 2020 में अनुशंसा : की लेकिन इसके बाद विचार नहीं किया l अब एक बार फिर से मंडल की पार्टी चर्चा समिति की बीते मई में आयोजित बैठक में इसे दोबारा समाप्त करने का निर्णय लिया है l

FAQs about MP Board best of five yojana 2022-23

1. MP Board Best of Five yojana क्या होता है ?

Ans. इस योजना के तहत कक्षा दसवी की बोर्ड परीक्षा में छह में से पांच विषयों में बेस्ट नंबर पाने वाले छात्रों को एक विषय में फेल होने पर भी पास किया जाएगा या पास की मार्कशीट दी जाएगी। मतलब परीक्षा के दौरान हिंदी, गणित, अंग्रेजी, विज्ञान, संस्कृत और सामाजिक विज्ञान जैसे 6 विषय के पेपर देने होंगे, लेकिन अगर इसमें से सबसे कम नंबर किस विषय में या किसी विषय में फेल हो और 5 विषय में पास हो तो उस विद्यार्थी को पास किया जाएगा यानी पास हो जाएगा। जिस भी सब्जेक्ट में कम नंबर आएगा, उस सब्जेक्ट को छोड़ दिया जाएगा और 5 विषय के नंबर को जोड़ कर लिया जाएगा।

2. Best of Five scheme से किस प्रकार का नुकसान है?

Ans. वैसे तो इसके कई प्रकार के नुकसान है जो कि मैंने ऊपर बता दिया है l लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि इससे कुछ मुख्य विषय जैसे विज्ञान और गणित में पास होने की अनिवार्यता विद्यार्थी के अंदर से खत्म हो जाती है, और इसी कारण विद्यार्थी इन दोनों विषय में कम मेहनत करता है और फेल होकर पास भी हो जाता है l

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