MP Board best of five scheme closed 2023: बंद हो चुकी बेस्ट ऑफ फाइव योजना!, अब क्या करें

आज की पोस्ट में हम आपको बताएंगे MP Board best of five scheme closed 2023 के बारे में l दोस्तों जैसा कि आप जानते ही हैं कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी ने 2017 में एक योजना लागू की , जिसका नाम MP Board best of five scheme था l जो विशेष रूप से कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों के लिए थी, लेकिन अब से नए सत्र 2022-23 के लिए जय योजना को बंद कर दिया गया है l तू अगर आप भी मध्यप्रदेश बोर्ड कक्षा दसवीं इसी वर्ष देने वाले हैं तो आपको MP Board best of five scheme closed 2023 के बारे में जरूर जानना चाहिए l साथ ही आपको पता भी होना चाहिए कि MP Board best of five scheme closed 2023 के बाद आप किस तरह पढ़ाई करें l

MP Board best of five scheme closed 2023

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के द्वारा वर्ष 2017 में MP Board best of five scheme निकाली गई l जिसका उद्देश्य कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए विद्यार्थियों को अधिक से अधिक संख्या में पास कराना, और ऐसे विद्यार्थी जो केवल एक विषय में फेल हुए हैं उन्हें भी पास मानकर अगली कक्षा में प्रवेश देना था l लेकिन अब नए वर्ष 2022-23 के लिए MP Board best of five scheme closed 2023 कर दी गई है l अब से नए वर्ष के लिए MP Board best of five scheme कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में लागू नहीं की जाएगी l

MP Board best of five scheme closed 2023 overview

Title MP Board best of five scheme closed 2023
Organization Madhya Pradesh Board of Secondary Education, Bhopal
Class 10th
Session 2022-23
Scheme Best of Five Scheme
beneficiary Class 10th students
Launched by Cheif Minister of Madhya Pradesh
Launched on 2017
Expire on 2022
Official website mpbse.nic.in

MP Board best of five scheme closed 2023
MP Board best of five scheme closed 2023

MP Board best of five scheme closed 2023

एमपी बोर्ड की 10वीं कक्षा की परीक्षा में नए सत्र से बेस्ट ऑफ फाइव योजना लागू नहीं होगी । यानि, स्टूडेंट्स को सभी छह विषयों में पास होना जरूरी होगा। बोर्ड ने इस योजना को बंद करने का प्रस्ताव सरकार के पास भेजा है। स्कूल शिक्षा मंत्री भी इसे बंद करने के पक्ष में हैं। स्कूल शिक्षा विभाग जल्द ही इस संबंध में निर्देश जारी कर सकता है l 10वीं के लगातार बिगड़ते रिजल्ट को देखते हुए 2017 में बोर्ड ने बेस्ट ऑफ फाइव योजना लागू की थी। इसके तहत छह विषयों में से एक में फेल होने पर भी स्टूडेंट्स को पास कर दिया जाता था। नई शिक्षा नीति के तहत समग्र मूल्यांकन को देखते हुए बोर्ड ने बेस्ट ऑफ फाइव को समाप्त करने के लिए अक्टूबर 2020 में अनुशंसा की थी । इस बीच कोरोना के चलते प्रस्ताव अटक गया।

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MP Board best of five scheme के नुकसान

योजना से कई छात्रों ने कठिन विषयों- गणित, अंग्रेजी व विज्ञान की पढ़ाई में दिलचस्पी लेना बंद कर दिया था। जबकि प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से इन विषयों का ज्ञान होना चाहिए। इससे अन्य राज्यों में मप्र की हाईस्कूल की मार्कशीट पर संदेह किया जाता है l अधिकारियों की बैठक कर बेस्ट ऑफ फाइव समाप्त करने सहित अन्य निर्णय लिए जाएंगे।

  • इस प्रणाली के अंतर्गत छात्र छह विषयों में से यदि एक विषय में पास नहीं है, परंतु अंकसूची के अनुसार वह उत्तीर्ण है, तो वह आर्मी जीडी के फार्म को नहीं भर सकता क्योंकि उस फार्म में छात्रों को विज्ञान, गणित व हिंदी जैसे विषयों में उत्तीर्ण होना अनिवार्य है l
  • मप्र संचालित आईटीआई में भी यदि छात्र गणित व विज्ञान के साथ दसवीं उत्तीर्ण नहीं करता है, तो कई ट्रेड्स में प्रवेश के लिए अयोग्य घोषित किया जाता है l

  • छात्र जिस विषय में कमजोर है, उस विषय की पढ़ाई ही नहीं करता। ऐसे विषयों में गणित, अंग्रेजी व विज्ञान विषय शामिल है। मुख्य विषयों का महत्व कम हो गया है। अधिकतर गणित, अंग्रेजी एवं विज्ञान विषयों को नहीं है। छठवां विषय के रूप में दर्शाने के कारण ही इन विषयों का परीक्षाफल कम हो जाता है। इसके लिए शिक्षकों को ही उत्तरदायी माना जाता है।

  • विद्यार्थी मुख्य परीक्षा हेतु पांच विषयों की तैयारी करता है, एक विषय को छोड़ देते है। कुछ विद्यार्थी तो मुख्य परीक्षा हेतु चार विषयों की तैयारी करते है तथा पांचवां विषय पूरक परीक्षा के लिए छोड़ देते है।

  • एक विद्यार्थी जो केवल पांच विषयों का अध्ययन करता है और छठवें विषय गणित में अनुत्तीर्ण हो जाता है, तो प्रथम कहलाता है जबकि दूसरा विद्यार्थी छह विषयों की तैयारी करता है और सभी विषयों में उत्तीर्ण हो जाता है, किंतु अंक पांच विषय वाले विद्यार्थी से कम आते हैं, तो वे द्वितीय कहलाता है l यह उचित नहीं है l

  • प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से मुख्य विषय गणित, अंग्रेजी, विज्ञान का ज्ञान छात्र को होना चाहिए। बेस्ट फाइव के कारण यह विषय उपेक्षित रह जाते है।

नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद छात्रों का समग्र मूल्यांकन जरूरी है। नवीन शैक्षणिक सत्र की प्रवेश नीति को लेकर जल्द ही विभागीय अधिकारियों की बैठक आयोजित होगी। जिसमें विद्यार्थियों के हित में निर्णय लेकर आदेश जारी किए जाएंगे।

FAQs about MP Board best of five scheme closed 2023

1. क्या MP Board best of five scheme से कक्षा बारहवीं के विद्यार्थियों को भी लाभ मिलता था?

Ans. जी नहीं दोस्तों इस योजना से केवल कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों को लाभ मिलता था l

2. Best of Five scheme क्या है?

Ans. इस योजना के तहत यदि कोई विद्यार्थी कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में केवल पांच विषय में पास हो पाता है और एक विषय में फेल हो जाता है, तो उसे फेल नहीं माना जाएगा बल्कि उसे इस योजना के अंतर्गत पांच विषय में पास होने के कारण उसे पास ही माना जाएगा l

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