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लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र 21 होगी- आधार से जुड़ेगा वोटर कार्ड | Minimum age for marriage of girls will be 21

नई दिल्ली : लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र 21 होगी…. आधार से जुड़ेगा वोटर कार्ड

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को दो बड़े सुधारों से जुड़े विधेयकों को मंजूरी दे दी। पहला बड़ा सुधार लड़कियों के विवाह की उम्र से जुड़ा है। कैबिनेट ने लड़कों और लड़कियों केलिए विवाह की न्यूनतम उम्र एक समान यानी 21 वर्ष करने के विधेयक को मंजूरी दे दी है। यह कानून लागू हुआ तो सभी धर्माें और वर्गाें में लड़कियों के विवाह की न्यूनतम उम्र बदल जाएगी। वहीं, चुनाव सुधारों से जुड़े विधेयक को भी मंजूरी दे दी गई है। इस विधेयक संसद से पास होने पर वोटर आईडी को आधार वोटरों को रजिस्ट्रेशन के ज्यादा मौके मिलेंगे। माना जा रहा है कि यह दोनों विधेयक संसद के मौजूदा सत्र मेें ही पेश किए जाएंगे।

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विवाह की उम्र में बदलाव के लिए टास्क फोर्स ने की थी 4 कानूनों में संशोधन के साथ सभी धर्माें पर समान रूप् से लागू करने की सिफारिश

कैबिनेट में दो बडे़ सुधारों के बिल पास…. इसी संसद सत्र में हो सकते हैं पेश

लड़कियों के विवाह की न्यूतम उम्र पर विचार के लिए जया जेटली की अध्यक्षता में एक टास्कफोर्स का गठन किया गया था जिसने अपनी रिपोर्ट पिछले साल दिसम्बर में नीति आयोग को सुपुर्द की थी। टास्कफोर्स ने युवतियों की विवाह की उम्र बढ़ाकर 21 वर्ष करने का पूरा रोल उाउट प्लान सोैंपा था और इसे समान रूप से पूरे देश में सभी वर्गाें पर विवाह के संबंध यह दूसरा बड़ा सुधार है जो समान रूप् से सभी धर्माें के लिए लागू होगा। इससे पहले एनआरआई मैरिज को 30 दिन के भीतर पंजीकृत कराने का बड़ा कदम उठाया गया।

दिसंबर 2020 में टास्क फोर्स ने दी थी रिपोर्ट

10 सदस्यों की टास्कफोर्स ने देश भर के प्रबुद्ध अध्येताओं, कानूनी विशेषज्ञों, नागरिक संगठनों के नेताओं से परामर्श किया। वेबिनार के जरिए देश में सीधे महिला प्रतिनिधियों से बातचीत कर रिपोर्ट को दिसम्बर के अंतिम सप्ताह में सरकार के सुपुर्द कर दिया गया।

Minimum age for marriage of girls will be 21
Minimum age for marriage of girls will be 21

इससे पहले 1978 में हुआ था विवाह कानून में संशोधन

टास्कफोर्स ने शादी की उम्र समान 21 साल रखने को लेकर 4 कानूनों में संशोधनों की सिफारिश की है। युवतियों की न्यनतम उम्र मे आखिरी परिवर्तन 1978 में किया गया था और इसकेलिए शारदा एक्ट 1929 में परिवर्तन कर उम्र 15 से 18 की गई थी।

18 से 21 वर्ष के बीच विवाह करने वाली लड़कियां 16 करोड़

यूनीसेफ के अनुसार भारत में हर साल 15 लाख लड़कियों की शादी 18 साल से कम उम्र में होती है। जनगणना महापंजीयक के मुताबिक देश में 18 से 21 साल के बीच विवाह करने वाली युवतियों की संख्या करीब 16 करोड़ है।

आधार से जुड़ने की व्यवस्था अभी वैकल्पिक होगी

चुनाव आयोग ने मतदान पहचान पत्र को आधार से जोड़ने की सिफारिश की थी ताकि मतदाता सूची ज्यादा पारदर्शी हो और फर्जी वोटर हटाए जा सकें। चुनाव आयोग माइग्रेंट वर्ककरों को उनकी रिहायश के शहरों में वोट देने की मंशा रखता है और इससे यह कदम साकार हो सकेगा। वन नेशन वन डेटा की दिशा में भी यह बड़ा कदम होगा। हालांकि अभी आधार को वोटर आईडी से जोड़ना अनिवार्य नहीं वैकल्पिक होगा। 1 जनवरी के बाद 18 ासल के होने वाले युवाओं को साल में 4 बार मतदान सूची में नाम दर्ज करने की अनुमति देने का प्रावधान भी इस विधेयक में होगा। साथ ही सर्विस वोटर की श्रेणी में महिला कर्मचारियों के पति भी शामिल होंगे। अभी तक पुरूष कर्मचारियों की पत्नियों को ही यह सुविधा मिलती हैं।

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