टैक्स छूट की लिमिट में बदलाव की आस बजट 2022-23 पर बड़ी खबर-

केंद्र सरकार 1 फवरी को आम बजट 2022 पेश करने जा रही है। पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर ये उम्मीद की जा रही हैं कि सरकार लोगों को खुश करने के लिए इनकम टैक्स में कुछ छूट दे सकती है, हालांकि टैक्स स्लैब में बदलाव हो इसकी संभावना बहुत कम है, लेकिन टैक्स छूट की लिमिट में बदलाव की आस लगाए जनता बैठी है। उम्मीद की जा रही है कि सरकार की तरफ से टैक्स छूट की लिमिट में कोई बदलाव हो, जो कि विगत सात सालों से नहीं हुआ है।

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दरअसल वर्तमान में देश में इनकम टैक्स की दर (उच्चतम) कॉपोरेट टैक्स से भी ज्यादा है। इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स जो सबसे ज्यादा टैक्स स्लैब में आते हैं उन्हें 30 फीसदी टैक्स चुकाना पड़ता है। सरचार्ज और एजुकेशन सेस को शामिल करने के बाद यह दर 42.74 फीसदी तक पहुंच जाती है। इसके मुकाबले घरेलू कंपनियों पर टैक्स की दर सिर्फ 25 फीसदी है। सरचार्ज और एजुकेशन सेस के बाद यह दर थोड़ी बढ़ जाती है। अभी इनकम टैक्स के तहत मात्र 50000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है। वहीं धारा 80सी के तहत लोगों को आयकर में 1.5 लाख तक की छूट मिलती है।

india budget 2022-2023 big update
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इनकम टैक्स दरों में ये बदलाव चाहते हैं लोग

  • बीते कुछ सालों में लोगों की कॉस्ट ऑफ लिविंग तेजी से बढ़ी है। इसकी वजह ट्यूशन फीस, मेडिकल एक्सप्रेसेज, रेंटल एक्सपेसेज सहित जरूरी खर्चों में वृद्धि है।
  • इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 80सी के तहत डिडक्शन की लिमिट बढ़ाकर सालाना 2,50,000 रुपये कर दी जाए। अभी इस सेक्शन के तहत सालाना डिडक्शन लिमिट 1.5 लाख रुपए है।
  • होम लोन पर चुकाए जाने वाले इंट्रेस्ट पर डिडक्शन की लिमिट बढ़ाकर 2,50,000 रुपए कर दी जाए। अभी खुद के रहने के लिए घर के होम लोन के इंट्रेस्ट पर सालाना 2,00,000 रुपए डिडक्शन लिमिट है।
  • सीए प्रमोद शर्मा कहते हैं कि कोरोना महामारी ने लोगों का मेडिकल खर्च बढ़ा दिया है। इसलिए मेडीक्लेम पॉलिसी के प्रीमियम पर डिडक्शन लिमिट को 25,000 से बढ़ाकर 50,000 रु. करने की जरूरत है। सीनियर सिटीजस को 50 हजार से बढ़ाकर 75 हजार कर राहत दी जा सकती है।

तीन साल की एफडी टैक्स फ्री का फॉर्मूला

टैक्स कंसल्टेंट राकेश शर्मा भी 80 सी की लिमिट बढ़ाने के पक्ष में है। इसके अलावा वे मानते की टैक्स फ्री एफडी के लॉक-इन पीरियड को 5 साल से घटाकर 3 साल किया जा सकता है। अगर सरकार ऐसा करती है तो 3 साल की एफडी टैक्स फ्री हो जाएगी, जो बाकी प्रोडक्ट्स के साथ टक्कर ले पाएगी। अगर लॉक-इन पीरियड को घटाया जाता है तो लोग इसकी ओर आकर्षित होंगे।

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इंडियन टैक्स फ्री का फॉर्मूला इंडियन बैंकर्स एसोसिएशन ने सरकार को दिए सुझाव में भी कहा कि एफडी अन्य वित्तीय उत्पादों की तुलना में टैक्स बचत के लिए कम आकर्षक हो गया है। लॉक-इन अवधि कम करने से एफडी का आकर्षण बढ़ेगा। डीजल, खाद समेत कृषि लागत बढ़ने के कारण प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को दी जाने वाली सलाना राशि में बढ़ोतरी की जा सकती है।

रविवार सुबह नगर प्रवास पर पहुंचे उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलने बड़ी संख्या मे छात्र संगठनके प्रतिनिधि सर्किट हाउस पहुंचे।जबलपुर लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन के बिलाल शाह ने बताय कि उच्च शिक्षा मंत्री के समक्ष कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुएओपन बुक पद्धति से विश्वविद्यालयों व कॉलेजों में परीक्षाएंआयोजित कराए जाने की मांग रखी। चर्चा के दौरान उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जारही है।

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