मध्यप्रदेश ताजा खबर

भोपाल के वीर सपूत ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का हुआ निधन : CDS हेलिकॉप्टर विमान हादसा

भोपाल: सीडीएस बिपिन रावत के हेलीकॉप्टर विमान हादसे में एकमात्र भोपाल के वीर सपूत ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह ही जिंदा बचे थे जिन का आज देहांत हो गया सिर्फ ग्रुप कैप्टन रूप सिंह के बचने की उम्मीद पूरा भोपाल लगाए बैठा था लेकिन उनके निधन की खबर पाकर पूरा भोपाल शोक में डूब गया। ग्रुप कैप्टन भरोसे एकमात्र ऐसे सदस्य थे जो सीडीएस बिपिन रावत विमान हादसे में बचे थे उनके बचने की उम्मीद है बहुत ज्यादा लगाई जा रही थी लेकिन आज उन सभी उम्मीदों पर विराम लग गया और पूरा भोपाल शोक की लहर में डूब गया।

ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का पार्थिव शरीर भोपाल में लाया जाएगा

Join

ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के पिता भारतीय थल सेना के कर्नल पद से रिटायर्ड हैं जैसे ही उनको विमान हादसे की खबर लगी तुरंत रिटायर्ड कर्नल के पी सिंह मुंबई के लिए रवाना हो गए थे और उन्होंने अपने बयान में कहा था कि मेरा बेटा ग्रुप कैप्टन बरोट सिंह बहादुर है और वह जीत करके ही वापस लौटेगा लेकिन आज उनके निधन की खबर पाकर सभी मायूस हो गए ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का पार्थिव शरीर भोपाल में गुरुवार को लाया जाएगा जहां पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा लेकिन इस बात की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। शहीद वीर ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के पिता रिटायर्ड कर्नल के पी सिंह पिछले 20 सालों से भोपाल में रह रहे हैं।

Group Captain Varun Singh IAF
Group Captain Varun Singh IAF

शहीद कैप्टन वरुण सिंह को भोपाल से था लगांव

सीडीएस बिपिन रावत विमान हादसे में शहीद हुए ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह को भोपाल से अत्यधिक लगाव था वह छुट्टियों में सर भोपाल आया करते थे और अपनी सारी छुट्टियां भोपाल में ही बिताते थे छुट्टियों के समय वह अपने कॉलोनी में टहलते थे वहां पर वह सभी बच्चे तथा बुजुर्ग लोगों से भी बातें करते थे तथा उनको सेना के साहस की कहानियां सुनाते थे और सभी बच्चों में जोश भर देते थे छुट्टियों के दिनों में भी शहीद कैप्टन वरुण सिंह देश के प्रति समर्पित थे बच्चों में साहस भरने में कोई कमी नहीं छोड़ते थे तथा अपने देश के प्रति अमर गाथाओं को बच्चों को सुनाते हुए उनके अंदर साहस पर देते थे

8 दिसंबर को जब तमिलनाडु (Tamil Nadu) के कुन्‍नुर (Coonoor) में Mi-17 V5 हेलिकॉप्‍टर दुर्घटनाग्रस्‍त हुआ था, तो उस हादसे में सीडीएस बिपिन रावत (Bipin Rawat) उनकी पत्‍नी मधुलिका रावत समेत 13 लोगों की मौत हो गई थी। केवल वरुण सिंह ही इस हादसे में जिंदा बच सके थे. वरुण सिंह हादसे के बाद करीब 45 प्रतिशत तक जल गए थे।

उनकी हालत लगातार नाजुक और स्थिर बनी रही और उनका शुरुआती इलाज वेलिंगटन में मौजूद मिलिट्री अस्‍पताल में हुआ था। बेहतर इलाज के लिए 9 दिसंबर को उनको वेलिंगटन से बेंगलुरू में मौजूद कमांड हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया था। इसके बाद भी यहां उनकी हालत स्थिर बनी रही। लेकिन स्थिति लगातार नाजुक थी। उनको कई चोटें भी लगीं थी।

एमपी बोर्ड की सभी खबरों के लिए physicshindi.com पर विज़िट करते रहिए। तथा अपने दोस्तों के साथ शेयर अवश्य करें।

You may also like

Comments are closed.