कलेक्टर ने प्रमुख सचिव से विशेष अनुमति लेकर बच्चों के दिलवाए पेपर

प्रदेश भर में बोर्ड परीक्षाएं प्रारंभ हो चुकी है वही विगत दिनों पूर्व 12वीं कक्षा के पेपर से शुरुआत की गई थी इसी बीच दसवीं के बोर्ड एग्जाम का पेपर भी प्रारंभ किया गया। वहीं मध्य प्रदेश सरकार आदिवासी ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए अनेकों योजना चला रही है। लेकिन कहीं ना कहीं आज भी आदिवासी कई योजनाओं से वंचित रह जाते हैं या यह कह सकते हैं कि इन आदिवासी बच्चों के भविष्य के साथ शिक्षकों के द्वारा भी खिलवाड़ किया जाता है। ऐसे ही मामला बोर्ड परीक्षा का ईटखेड़ी संकुल केंद्र के अंतर्गत आने वाले शासकीय हाई स्कूल उमरी बेहरा का मामला आया है। यहां पर 26 बच्चों के परीक्षा फॉर्म स्कूल द्वारा नहीं भरे गए इसी बीच जब बच्चों के परिजनों एवं छात्र छात्राओं द्वारा इन मामले को मीडिया कर्मियों से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि हमारे बच्चे ने फिर तो जमा कर दी है।

लेकिन स्कूल वालों ने फॉर्म नहीं भरा है और ना ही हमें रोल नंबर दिया जा रहा है अगर हम परीक्षा में नहीं बैठो तो हमारे साल खराब हो जाएंगे। क्या है पूरा मामला रायसेन जिले के सुल्तानपुर तहसील के अंतर्गत दाब उमरी बेहरा में बना हाई सेकेंडरी स्कूल जिसमें स्कूल प्रभारी की बड़ी लापरवाही निकल कर सामने आई बच्चों के परिजन परेशान हो रहे थे। वहीं उन्होंने की परीक्षा फीस भी दी इसके बाद भी बच्चों के प्रवेश पत्र निजाम फॉर्म नहीं दिया गया और शिक्षक पर आरोप लगाएं जहां एक तरफ सरकार शिक्षा को लेकर सब दिखाई दे रही है वही ऐसे लापरवाह शिक्षक बच्चों के भविष्य के साथ खेल रहे हैं बच्चों की पढ़ाई की भरपाई कैसे कर पाएंगे शिक्षा विभाग वही जब जिला इस संबंध से प्राचार्य से बात की गई तो उन्होंने बताया कि बच्चों ने परीक्षा की फीस नहीं भरी थी इस कारण उसके रोल नंबर नहीं आ सके।

पहले दिन हिंदी विषय का पेपर हल करने पहुंचे 2518 विद्यार्थी:-

माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा संचालित हाई स्कूल की परीक्षा शुक्रवार से प्रारंभ की गई है वह शांतिपूर्वक ढंग से कोरोनावायरस का पालन करते हुए। परीक्षार्थी परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे तथा हिंदी विषय का प्रश्न पत्र हल किया परीक्षा कक्ष में प्रवेश करने से पूर्व परीक्षार्थी की थर्मल स्क्रीनिंग की गई तथा हाथों को सैनिटाइज किया गया बल्कि तलाशी भी ली गई हायर सेकेंडरी परीक्षा के लिए तहसील मुख्यालय पर चार तथा परीक्षा में 2 परीक्षा केंद्र बनाए गए। जबकि अंचल के खीरोमऊ, बीकापुर, प्रतापगढ़, तुलसीचर गांव में एक एक परीक्षा केंद्र बनाए गए सभी केंद्रों पर 2619 माता सॉन्ग परीक्षार्थी के नाम दर्ज हैं। पहले दिन हिंदी विषय का प्रश्न पत्र परीक्षार्थी के द्वारा हल किया गया। शिक्षा अधिकारी नरेश रघुवंशी ने बताया कि तहसील मुख्यालय सहित गांवों में कुल 12 परीक्षा केंद्र बनाए गए इस परीक्षा केंद्र पर शांति पूर्वक माहौल में हाईस्कूल परीक्षा प्रारंभ हुई पहले दिन 10 परीक्षार्थी में से 101 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे परीक्षार्थी के द्वारा कोरोनावायरस का पालन किया गया। हाई स्कूल की परीक्षा के प्रथम दिवस शुक्रवार को भी और नरेश रघुवंशी के द्वारा पुष्पा हाई स्कूल मिलवाने वह परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया गया।

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Exam form of the Students was not Forwarded
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स्कूल प्राचार्य को किया गया निलंबित:-

आदिवासी छात्र छात्राओं के बोर्ड परीक्षा की कमी को देखते हुए स्कूल प्राचार्य उमरी ब्रा के डीडीके को निलंबित किया गया कारण है। कि उन्होंने 26 आदिवासी छात्र छात्राओं को समय पर ना ही परीक्षा फॉर्म भरने दिया और ना ही उन्हें रोल नंबर प्रदान किया गया मीडिया कर्मी और कलेक्टर अरविंद कुमार दुबे की तत्परता से आज बच्चों का भविष्य बच गया मीडिया के मामले को संज्ञान में लाने के बाद एवं कलेक्टर महादेव के प्रयास एवं हमारे विभाग द्वारा संसद परीक्षा में शामिल किया गया है। जिसके द्वारा लापरवाही बस्ती नहीं है इसके खिलाफ अनुशासन निलंबन की कार्यवाही की नई वही माध्यमिक शिक्षा मंडल के द्वारा विशेष परीक्षा की अनुमति प्रदान की गई।

महत्वपूर्ण जानकारियाँ —

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