Electricity Bijli Bill New Rate 2022: बिजली बिल के नए रेट होगे लागू पेट्रोल, डीजल की तरह प्रतिदिन तय होगा रेट

Electricity Bijli Bill New Rate 2022: आज के इस आर्टिकल में हम आपको Electricity Bijli Bill New Rate 2022 के बारे में बताने वाले हैं. अगर आप भी बिजली का उपभोग करते हैं तो अब आपको सतर्क होने की आवश्यकता है क्योंकि आपको बताना चाहेंगे अब आपका बिजली बिल आपको करंट लगा सकता है. आपको बता दें कि अब आपको बिजली बिल का महंगा बिल चुकाने के लिए तैयार रहना चाहिए. क्योंकि बिजली कंपनियां अब बिजली बिल को महंगा कर सकती है. तो आइए जानते हैं कि आपके ऊपर इसका क्या प्रभाव पड़ने वाला है और बिजली की कीमतें इतनी अधिक बढ़ सकती है. अगर बिजली का बिल बढ़ता है तो आपके महीने का बजट भी बिगड़ सकता है. तो अगर आप भी अपने घर में या धंधे में अधिक बिजली का इस्तेमाल करते हैं तो आपको यह खबर जरूर जाने चाहिए. New Electricity Bill 2022 Hike के बारे में जानने के लिए इस आर्टिकल को अंत तक ध्यान पूर्वक पढ़ते रहिए. ताकि कोई महत्वपूर्ण जानकारी आप से ना छूटे.

Electricity Bijli Bill New Rate 2022

Electricity Bijli Bill New Rate 2022: बिजली बिल का बोझ वहन करने के लिए तैयार हो जाइए. आपको बताना चाहेंगे कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए बिजली कंपनियां बिजली की दर तय करने के लिए बिहार राज्य विद्युत विनियामक आयोग (रेग्यूलेटरी कमीशन) के पास टैरिफ पेटीशन दाखिल करने वाली है. Electricity Bijli Bill New Rate 2022 की बात करें तो बिजली के दामों में 30% तक की वृद्धि की संभावना है. वही बता दे कि बिजली कंपनियां आयात होने वाले कोयले के कारण महंगी हुई बिजली की खरीदारी को टैरिफ बढ़ोतरी का आधार बना सकती है. बिजली कंपनी द्वारा नया निर्धारित किया गया है कि रेगुलेटरी कमीशन द्वारा यह निर्धारित कर दिया जाए कि मंहगी हुई बिजली में जो अतिरिक्त राशि खर्च हो रही उसे टैरिफ में ही जोड़ दिया जाए. वर्तमान में ऐसी व्यवस्था है कि बिजली क्रय में जो अतिरिक्त खर्च हो रहा उसके लिए विद्युत विनियामक आयोग के पास अलग से पेटीशन दाखिल करना होता है.

Electricity Amendment Bill 2022 latest News

Electricity Bijli Bill New Rate 2022: अब लोगों को बिजली इस्तेमाल करना महंगा पड़ेगा. क्योंकि हाल ही में बिजली कंपनियों द्वारा ऐलान किया गया है कि अब उपभोक्ताओं के बिजली के केबल करंट लगवा सकते हैं यानी कि बिजली के दाम बढ़ रहे हैं. बताया जा रहा है कि अब बिजली का दाम भी पेट्रोल डीजल की तरह प्रतिदिन तय होने वाला है. अब पेट्रोल डीजल की तरह है बिजली का बिल भी हर दिन कम ज्यादा होने वाला है. जिससे कि बिजली उपभोक्ताओं को अब अधिक बिजली बिल का भुगतान करना होगा. सरल भाषा में आपको बताना चाहेंगे कि बिहार में बिजली पैदा करने वाली कंपनियों द्वारा बताया कि अब बिजली बिल यूनिट की दरें कोयले के दामों पर ही तय होंगी. क्योंकि बिजली कंपनियां कोयले का आयात महंगे दामों पर कर रही है जिस वजह से उन्हें महंगी बिजली का उत्पादन करना पड़ रहा है. 

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Electricity bill unit price 2022

ग्रामीण क्षेत्र में बिजली की नई दरें

0 से 100 यूनिट बिजली 3.35 रुपए प्रति यूनिट 

Join

101 से 150 यूनिट तक 3.85 रुपए प्रति यूनिट 

151 से 300 यूनिट तक 5 रुपए प्रति यूनिट  

300 यूनिट से ऊपर 5.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से

शहरी क्षेत्र में बिजली की नई दरें

0 से 150 यूनिट तक  5.50 रु. प्रति यूनिट

151 से 300 यूनिट तक 5.50 रु.  प्रति यूनिट 

151 से 300 यूनिट 6.00 रु. प्रति यूनिट

300 यूनिट से ऊपर 6.50 रुपये प्रति यूनिट

Electricity Bijli Bill New Rate
Electricity Bijli Bill New Rate

Electricity Bijli Bill New Rate

Electricity Bijli Bill New Rate 2022: लोगों को बिजली उत्पादन कंपनियों को बिजली का उपभोग करने के लिए अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना होगा. सीधा सा मतलब यह है कि अब Electricity bill unit price बढ़ने वाली है. बिहार राज्य में बिजली की कीमतों में भी पेट्रोल डीजल की कीमतों की तरह ही उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. लोगों को बिजली का उपभोग करने के लिए अब ज्यादा दिन चुकाना होगा क्योंकि प्रति यूनिट की कीमत भी अधिक हो जाएगी. बताया जा रहा है कि अब यदि कोयले के दाम सस्ते होंगे तो ही बिजली सस्ती होगी. वही 2023 और 2024 के लिए टैरिफ प्रस्ताव बिहार राज्य विद्युत नियामक आयोग के पास दायर किया गया है. जिसके कारण उपभोक्ताओं पर 20 पैसे प्रति यूनिट अधिक बोझ पड़ने की संभावना है.

New Electricity Bill 2022

Electricity Bijli Bill New Rate 2022: बिजली कंपनी के सूत्रों के अनुसार खबर बताई जा रही है कि टैरिफ प्रस्ताव में इस बात का जिक्र है कि वर्ष 2018-19 से बिजली की दर में बढ़ोतरी नहीं नहीं की गई है लेकिन उत्पादन लागत लागत में काफी बढ़ोतरी हुई है. वहीं नई तकनीकों खर्च अलग से है इसलिए बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी जरूर होनी चाहिए. बिजली कंपनी द्वारा पिटीशन दायर किए जाने के बाद विद्युत विनियामक आयोग जन सुनवाई की तारीख निर्धारित करेगा. आम लोगों के साथ-साथ अलग-अलग व्यवसायिक संगठनों के भी विचार शामिल किए जाएंगे, जिसके बाद अगले वित्तीय वर्ष अप्रैल से क्या निर्धारित किया जाता है वहीं से व्यवस्था लागू होगी.

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