5 Drone schools to be set up in MP : देश का पहला ड्रोन स्कूल मार्च में होगा शुरू

5 Drone schools to be set up in MP : देश का पहला ड्रोनस्कूल ग्वालियर में खुलने जा रहा है। मार्च महीने में एमटीटीएस कॉलेज में ड्रोनस्कूल शुरू होगा। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी और एमटीटीएस के बीच मेमोरंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग हुआ। देश के पहले ड्रोन स्कूल में 3 महीने से लेकर एक साल तक के कोर्स संचालित होंगे। मध्य प्रदेश को जल्द ही एक और बड़ी सौगात मिलने वाली है. जिससे प्रदेश के छात्रों को फायदा होगा. इस सौगात की घोषणा खुद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia)  ने की थी. दरअसल, ग्वालियर में जल्द ही प्रदेश का पहला ड्रोन स्कूल (Drone School) खुलने जा रहा है, जिसका एमओयू (MOU) पूरा हो चुका है

Drone schools : क्या होती है ड्रोन की खासियत 

दोस्तों आपको बता दे की ड्रोन की कई सारी खासियत होती है, जैसे कि ड्रोन एक से लेकर 42 KG तक का वजन उठा सकता है . खेतों के बड़े एरिया में बीज और कीटनाशनक डालने और कृषि सर्वे में भी इनका उपयोग किया जा सकता है . ड्रोन मेकिंग पढ़कर स्टूडेंट्स रिसर्च कर सकेंगे. सर्वे और जमीन नापने आदि में भी ड्रोन का उपयोग होगा. किसी खास जगह पर निगरानी के लिए पुलिस भी इसका इस्तेमाल कर सकेगी. इन सभी विधाओं में छात्रों को पारंगत किया जाएगा. 

Drone schools to be set up in MP : ग्वालियर में खुलेगा ड्रोन स्कूल

 11 दिसंबर को नागरिक उड्यन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रदेश में 5 ड्रोन स्कूल खोलने का ऐलान किया था। गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पिछले साल 11 दिसंबर को ग्वालियर में आयोजित ड्रोन मेले में मध्य प्रदेश में 5 ड्रोन स्कूल खोलने की बात कही थी।ये स्कूल इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और सतना में खुलेंगे। नागरिक उड्यन मंत्रालय ने सिधिया की घोषणा को अमलीजामा पहना दिया है। देश का पहला ड्रोन स्कूल मार्च महीने से ग्वालियर में शुरू होगा। ग्वालियर के माधव इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस कॉलेज में ड्रोन स्कूल शुरू होगा।डायरेक्टर प्रो. आरके पंडित ने बताया कि ड्रोन स्कूल में छात्रों के लिए सर्वसुविधा उपलब्ध होंगी। ड्रोन की प्रेक्टिकल क्लास के लिए कॉलेज के एक बड़े मैदान को रिजर्व किया गया है।

Drone schools to be set up in MP

3 महीने से एक साल तक के ट्रेनिग कोर्स आप कर सकते है

ग्वालियर में पहले ड्रोन स्कूल में 3 महीने से लेकर एक साल तक के ड्रोन पायलेट कोर्स होंगे।न्यूनतम 12 पास युवाओं को ड्रोन स्कूल में दाखिला मिल पाएगा। ड्रोन स्कूल के लिए ट्रेनिंग और ड्रोन उड़ाने की गाइड लाइन तैयार हो चुकी है। फरवरी महीने में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय ड्रोन अकादमी भर्ती विज्ञापन जारी करेगी। इसमें प्रवेश और नियमावली का पूरा उल्लेख रहेगा। ड्रोन टेक्नोलॉजी होगी कारगर नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिधिया ने कहा कि ग्वालियर के बाद जल्द ही इंदौर, भोपाल, जबलपुर और सतना में ड्रोन स्कूल इसी साल शुरू किए जाएंगे। सिंधिया के मुताबिक ड्रोन टेक्नोलॉजी आने वाले वक्त की सबसे बड़ी जरूरत बनेगी। ड्रोन के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं, कृषि क्षेत्र, सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों में मदद मिलेगी। इनके संचालन की परेशानियां कम करने के लिए मंत्रालय ने नियमों में सरलता की है। युवाओं के लिए ड्रोन उड़ाने की ट्रेनिग, लाइसेंस की प्रक्रिया आसान की गई हैं।

इस तरह मिलेगी ट्रेनिंग  आप आसानी से कर पायेगे

दरअसल, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ड्रोन एक सरकारी पंजीकृत प्रशिक्षण संस्थान है. ये प्रोफेशनल पायलटों को और एयरोस्पेस इंजीनियरों को मानव रहित हवाई वाहन को चलने के लिए ड्रोन चलने की ट्रेनिंग देते है. साथ ही इसमें ड्रोन तकनीक और इसके इस्तेमाल की शिक्षा और प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. 

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