कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर कांग्रेस का हंगामा और वॉकआउट

प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली को लेकर विधानसभा में मंगलवार को कांग्रेस ने हंगामा किया शून्यकाल में पीसी शर्मा ने ये मामला उठाया, तो ध्यानाकर्षण शुरू होने से पहले सज्जन सिंह वर्मा कहा कि छत्तीसगढ़ और राजस्थान में पुरानी पेंशन बहाल हो चुकी है। मप्र में भी बहाल होनी चाहिए। इस पर पूरा विपक्ष एक साथ मांग करने लगा, लेकिन सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं मिलने पर विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया। प्रश्नकाल समाप्त होते ही ध्यानाकर्षण में कांग्रेस विधायक सज्जन सिंह वर्मा ने सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली की मांग उठाई। वर्मा ने कहा कि राजस्थान और छत्तीसगढ़ में पुरानी पेंशन बहाली हो गई है, मप्र सरकार भी पुरानी पेंशन बहाली का आदेश जारी करे।

कांग्रेस के अन्य सदस्यों ने भी उनकी मांग का समर्थन किया। कांग्रेस के सदस्य इस पर चर्चा चाहते थे। इसको लेकर सदन में भारी शोर शराबा और हंगामा हुआ। अध्यक्ष ने कार्यवाही को आगे बढ़ाने को कहा जिसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा ने प्रदेश कर्मचारियों की 2005 के पहले की पेंशन लागू करने, आंगनवाड़ी कर्मचारियों का पे स्केल बढ़ाने और स्मार्ट सिटी का मुद्दा भी उठाया। चार साल पहले ठेकेदार ने काम अधूरा छोड़ा: रीवा जिले में नईगढ़ी सूक्ष्म सिंचाई परियोजना अब तक पूरी नहीं हो पाई है। परियोजना को बाणसागर बांध से बहुती नहर के माध्यम से पानी दिया जाना है।

मूल प्रश्न बदलने पर भड़के उमाकांत शर्मा-भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा न आरोप लगाया कि उन्होंने मनरेगा के तहत लटेरी और सिराज को लेकर हितग्राही मूलक योजनाओं की जानकारी चाही थी, लेकिन उनका मूल प्रश्न ही बदल दिया। यह प्रश्न किसने बदला, विधानसभा कर्मचारियों या पंचायत विभाग के अधिकारियों ने बताया जाए। उन्होंने कहा कि मंत्री जो जानकारी दे रहे हैं, वह तो मैंने पूछी ही नहीं थी मैं खसक खाकर कहता हूं के मेरा मूल प्रश्न बदला दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन पंचायतों में अनियमितताएं हुई है, उनके विरुद्ध कार्रवाई नहीं करने दिग्विजय सिंह ने पत्र लिखा था। शर्मा ने पत्र की प्रति भी सदन में लहराई। बाद में नरोत्तम मिश्रा के हस्तक्षेप करने पर वह शांत हुए।

Join

नए विधायकों ने नहीं दिखाई प्रश्न पूछने में रुचि:-

विधानसभा द्वारा महिला और नए विधायकों के लेकर किए गए नवाचार में कई विधायकों ने रुचि ही नहीं दिखाई। प्रश्नकाल में पहली बार चुने गए 25 विधायकों को सवाल पूछने का मौका विस अध्यक्ष ने दिया था, लेकिन 7-8 विधायकों ने ही प्रश्न पूछे। बाकी विधायक प्रश्नकाल से नदारद थे, जबकि स्पीकर ने इनके नाम लेकर प्रश्न पूछने का मौका दिया। प्रश्नकाल में 7 महिला विधायकों ने सवाल लगाए थे, इन्हें सबसे पहले प्रश्न पूछने का मौका दिया गया। इनमें कांग्रेस विधायक नंदनी मरावी, चंद्रभागा किराड़े, हिना कावरे, लीना जैन, रामबाई, झूमा सोलंकी, कल्पना वर्मा ने प्रश्नकाल में अपने सवाल पूछे। इसके अलावा 18 प्रश्न पूछने का मौका पहली बार चुनकर आए विधायकों को दिया गया।

Congress demanding restoration of old pension
Congress demanding restoration of old pension

करीब आधा दर्जन नए विधायक सवाल पूछने के लिए सदन में मौजूद ही नहीं थे। इंजीनियरिंग लिमिटेड को दिया गया था। मार्च 2018 में ठेकेदार ने काम बंद कर दिया और उसे कार्य प्रारंभ करने के लिए बार-बार लिखे जाने के बाद भी वह नहीं आया। इसे देखते हुए ठेका निरस्त कर दिया गया। बचे काम के लिए फिर निविदा आमंत्रित भी कर ली गई। फल, फूल और सब्जियों के बीज में ठेकेदारी प्रथा होगी बंद एमपी एग्रो के अधिकृत ठेकेदारों के माध्यम से किसानों को विभिन्न योजनाओं के तहत दिए जाने वाले फल, फूल और सब्जियों के बीज की व्यवस्था अब बंद होगी। किसानों को अनुदान की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खातों में दी जाएगी। यह घोषणा उद्यानिकी मंत्री भारत सिंह कुशवाह ने विधानसभा में की। यह मुद्दा विधायक हिना कांवरे ने उठाया था।

विस अध्यक्ष गिरीश गौतम ने जताई कड़ी नाराजगी:-

नए विधायकों के सदन से अनुपस्थित रहने पर विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने कड़ी नाराजगी जताई है। स्पीकर ने कहा कि 6-7 विधायक अनुपस्थित रहे यह बेहद चिंता की बात है। प्रश्नकाल के दौरान सदन से अनुपस्थित रहने वाले विधायकों में संजय शुक्ला, राकेश गिरी, शरद कोल, पहाड़ सिंह कन्नौज, सिद्धार्थ कुशवाहा आदि शामिल थे। जबकि कल्पना वर्मा द्वारा पूछे गए सवाल पर मनरेगा की जानकारी देने में मंत्री रामखेलावन पटेल को कड़ी मेहनत करनी पड़ी। बाद में उन्होंने कहा कि मनरेगा में मजदूरों की सूची एक माह में उपलब्ध करा देंगे।

JOIN WHATSAPP GROUP CLICK HERE
JOIN TELEGRAM GROUP CLICK HERE
PHYSICSHINDI HOME CLICK HERE