class 5 to 8 ab board exam pattern par hogi {MP Board} | 5वीं – 8वीं की परीक्षाएं बोर्ड पटर्न पर करान का प्रस्ताव तैयार, शासन की मंजूरी के बाद जल्द हो सकता है लागू

class 5 to 8 ab board exam pattern par hogi {MP Board} | 5वीं – 8वीं की परीक्षाएं बोर्ड पटर्न पर करान का प्रस्ताव तैयार, शासन की मंजूरी के बाद जल्द हो सकता है लागू

12साल बाद फिर एग्जाम पैटर्न में बदलाव की तैयारी : केरोना संक्रमण काल के अनुभवों के देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग लगातार नए बदलाव कर रहा है। 10वीं, 12वीं कक्षा के सिलेबस में कटौती और एग्जाम पैटर्न में बदलाव के बाद अब विभाग कक्षा 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं बोर्ड पैटर्न पर आयोजित करने की तेयारी कर रहा है। वर्ष 2017-18 में आरटीई अधिनियम में संशोधन होने के बाद अब इसके रास्ते खुल गए हैं। ऐसे में अब करीब 12 साल बाद फिर इन कक्षाओं को बोर्ड पैटर्न पर लाने की तैयारी है। इसके लेकर राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा प्रस्ताव भी तैयार किया गया है, जिसमें मंजूरी मिलने के बाद इस नई व्यवस्था को लागू किया जाएगा।

अन्य स्कूल के शिक्षक काॅपियों की करेंगे जांच

कोरोना संक्रमण के चलते बीते 2 साल से कक्षा पहली से लेकर कक्षा 8वीं तक की परीक्षाएं रद्द रही है। सत्र 2019-20 में बोर्ड परीक्षाएं शुरू हुईथी। कोरोना के बढते संक्रमण के चलते परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया था। लेट हुए सत्र 2020-21 में अर्द्धवार्षिक और वार्षिक परीक्षाएं मार्च 2022 में आयोजित कराने तैयारियां की जा रही है। अब फाइनल परीक्षाएं मार्च 2022 तक आयोजित हो सकती है।

class 5 to 8 ab board exam pattern par hogi {MP Board}
class 5 to 8 ab board exam pattern par hogi {MP Board}

परीक्षाएं बोर्ड पैटर्न पर कराने तैयारियां पूरी की जा रही है। अब फाइनल परीक्षाएं मार्च 2022 तक आयोजित हो सकती है। परीक्षाएं बोर्ड पैटर्न पर कराने तैयारियां पूरी की जा रही है। इर्न व्यवस्था लागू होने पर प्रश्नपत्र राज्य स्तर से सेट किया जाएगा। काॅपियों की जांच अन्य स्कूलों के शिक्षक से कराई जाएगी।

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अनुमति मिली तो इसी साल कराई जा सकती है बोर्ड पैटर्न पर परीक्षा

दरअसल, शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) लागू होने के बाद 5वीं और 8वीं की बोर्ड परीक्षाओं को समाप्त कर दिया गया था। अधिनियम में किसी भी विद्यार्थीको कक्षा 8वीं तक फेल नहीं करने की बात कही गई थी। बाद में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाए रखने 2017-18 में अधिनियम में संशोधन किया गया। अधिनियम में संशोधन कर राज्यों को 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं बोर्ड पैटर्न पर करवाने के अधिकार दिए गए थे। राज्य शिक्षा केंद्र के एग्जाम कंट्रोलर केपीएस तोमर के अनुसार शासन को 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं बोर्ड पैटर्न पर कराने के लिए प्रस्ताव भेजने की तैयारी है। यदि शासन की अनुमति मिलती है और कोरोना की स्थिति नियंत्रण में रही तो बोर्ड पैटर्न पर परीक्षाएं कराई जाएंगी। अन्यथा पिछले वर्ष की तरह बच्चों का मूल्यांकन किया जाएगा।

12 वर्ष बाद 5, 8वीं की परीक्षाएं बोर्ड पैटर्न पर कराने की तैयारी

राज्य शिक्षा केंद्र ने 12साल बाद फिर से कक्षा 5वीं और 8वीं की परीक्षा बोर्ड पैटर्न पर कराने की तैयारी की है। इस संबंध में जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। 2017-18 में आरटीई एक्ट में संशोधन होने से बोर्ड पैटर्न पर परीक्षा कराने का रास्ता खुल गया है।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद 5वीं और 8वीं की बोर्ड परीक्षाओं को समाप्त कर दिया गया था। अधिनियम में किसी भी विद्यार्थी को कक्षा 8वीं तक फेल नहीं करने की बात कही गई थी। बाद में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाए रखने के लिए 2017-18 में अधिनियम में संशोधन किया गया।
इसके तहत राज्यों को 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं बोर्ड पैटर्न पर करवाने के अधिकार दिए गए थे। दो साल से नहीं हो पाई बोर्ड परीक्षाएं – कोरोना के चलते 2 साल से कक्षा पहली से लेकर 8वीं तक की परीक्षाएं रद्द रही है। सत्र 2019-20 में बोर्ड परीक्षाएं शुरू हुई थीं, लेकिन कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते परीक्षाएं स्थगित कर दी गई।

शासन को 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं बोर्ड पैटर्न पर कराने के लिए प्रस्ताव भेज रहे हैं। यदि शासन की अनुमति मिलती है और कोरोना की स्थिति नियंत्रण में रही तो बोर्ड पैटर्न पर परीक्षाएं कराई जाएंगी।