संक्रमण से सुरक्षा : विद्यालयों में एक लाख से अधिक बच्चों को लगाई जाएगी कोरोना वैक्सीन

नमस्कार दोस्तों इस बर्ष covid संक्रमण के कारण स्कूल नहीं लग पाए जिसका सीधा असर बच्चो की पढाई पर पड़ा है राज्य सरकार बच्चो की पढाई को लेकर काफी सतर्क नजर आई इसलिए ऑनलाइन क्लासेस लग रही है सरकार का यह प्रयास रहा है की कही बच्चे संक्रमित न हो जाये इसलिए उनको घर पर रहने को कहा गया भारत में वेक्सिन लगभग पूरा हो चूका है सूत्रों की मने तो लगभग 86 प्रतिशत वेक्सिन पूरा हो चूका है जो की विश्व में दूसरे नंबर पर है बड़ो को वेक्सिन होने के बाद अब बच्चो की वारी आती है जिनकी उम्र 13 से 18 बर्ष के बीच है उनके लिए सरकार वेक्सिन का कार्य कर रही है क्या है पूरी खबर जाने विस्तार से.

विद्यालयों में एक लाख से अधिक बच्चों को लगाई जाएगी कोरोना वैक्सीन

राज्य सरकार के निर्देश पर विद्यालयों में अब बच्चों को भी वैक्सीन लगाने का क्रम शुरू होगा। राजधानी में करीब एक लाख से अधिक ऐसे बच्चे हैं। जिनकी उम्र 15 से लेकर 18 वर्ष हो अधिका चुकी है।उन्हे कोरोना का टीका लगवाया जाएगा। इसके लिए बच्चों के अभिभावकों को भी सूचित कर दिया गया है। ताकि वह निर्धारित समय में वैक्सीन लगवा सकें। जिला शिक्षा अधिकारी नितिन सक्सेना ने कहा कि 3 से 11 जनवरी तक विद्यालयों में कोरोना वायरस का टीका लगाने का क्रम प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस उम्र के स्कूलों में पढ़ने वाले 1 लाख 13 हजार 437 बच्चे हैं। जिन्हें वैक्सीन लगना है। इन बच्चों को बाकायदा चिह्नित कर लिया गया है। निश्चित दिनांक से ही इन्हें कोरोना का टीका लगाने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। शिक्षा अधिकारी का कहना है कि इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञ केंद्रों का चयन कर रहे हैं। उन्होंने बताया है कि इस कार्य की पूरी निगरानी संकुल प्राचार्य करेंगे।

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children vaccine
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कैसे होगा डेढ़ लाख बच्चो का वेक्सिनेसन बच्चों एवं उनके अभिभावकों को भी सूचित कर दिया गया है। शिक्षा अधिकारी का कहना है कि जो टीकाकरण केंद्र निर्धारित किए जा रहे हैं। उनका वह स्वयं मौके पर पहुंचकर निरीक्षण कर रहे हैं। प्राचार्यों से कहा भी गया है कि प्रत्येक केन्द्र पर बेहतर व्यवस्था बनाई जाए। ताकि बच्चों को कोरोना की वैक्सीन लगवाने में किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़े।

ब्लूप्रिंट के आधार पर ही होगी बच्चों की तैयारी

दोस्तों आपको बता दे बोर्ड के द्वारा इस बर्ष न्यू ब्लू प्रिंट और क्वेश्चन बैंक जारी किये गए है उसी आधार पर अब विद्यालयों में 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाओं के लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जो प्रश्न बैंक तैयार किए गए हैं। उनमें ब्लूप्रिंट के आधार पर ही बच्चों की परीक्षा तैयारियां करवाई जाएगी। शिक्षा अधिकारी का कहना है कि 10वीं एवं 12वीं के बच्चों के लिए यह प्रश्न बैंक है। उनमें सारगर्भित विषय वस्तु जो दी गई है। उसी के अनुसार बच्चों की तैयारी करवाई जा रही है। उद्देश्य एक ही है कि बच्चे सिलेक्ट प्र ही पढ़ें। इससे फायदा यह है कि एक ओर जहां बच्चों का समय बचेगा, वहीं उन्हें सहज और सरल तरीके से अध्यापन करने का मौका भी मिलेगा। उन्होंने बताया कि अध्यापन के संबंध में हर दिन संकुल प्राचार्यों से संवाद किया जा रहा है।

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