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एलकेजी-यूकेजी क्लास से ही बच्चे पढेंगे संस्कृत स्टृडेंट्स को दिया जाएगा व्यावसायिक प्रशिक्षण | Addition of sanskrit in L kg and U kg classes

एलकेजी-यूकेजी क्लास से ही बच्चे पढेंगे संस्कृत स्टृडेंट्स को दिया जाएगा व्यावसायिक प्रशिक्षण | Addition of sanskrit in L kg and U kg classes

कोरोना संक्रमण काल में स्कूल शिक्षा विभाग लगातार स्कूली शिक्षा को लेकर नवाचार कर रहा है। सीएम राइज स्कूलों बे बाद अब सबके लिए शिक्षा विद्यालय योजना के तहत प्रदेश के 53 स्कूलों को हाइटेक बनाने के लिए पप्र स्कूल शिक्षा विभाग और मप्र स्कूल शिक्षा मुक्त बोर्ड सह महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान के साथ एक मएओयू हुआ है।

सबके लिए शिक्षा विद्यालय योजना के तहत शास. सरोजनी नायडू स्कूल का चयन

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प्रदेश के हर जिले से चयनित किए गए इन 53 स्कूलों में निजी स्कूलों की तर्ज पर हर व्यवस्था होगी। इसके साथ ही यहां एलकेजी – यूकेजी की कक्षाएं भी संचालित होंगी। अरूण-उदय के नाम से शुरू होने वाली यह कक्षाओं का माध्यम संस्कृत होगा। इसके साथ ही अन्य कक्षाओं में भी संस्कृत अनिवार्य होगी। भोपाल में इसके लिए शास. सरोजनी नायडू कन्या उमा विद्यालय का चयन किया गया है।

योजना के हत प्रदेश के 52 स्कूल होंगे हाइटेक, बनाई जाएगी ग्रीन विल्डिंग

  • बच्चों को मिलेगी आधुनिक सुविधा
  • MP स्कूल शिक्षा विभाग और मप्र स्कूल शिक्षा मुक्त बोर्ड के बीच एमओयू हुआ
Addition of sanskrit in L kg and U kg classes
Addition of sanskrit in L kg and U kg classes

ओपन बोर्ड बनाएगा बुनियादी ढांचा

एमओयू के अनुसार अकादमिक गतिविधियों में समकालीन इतिहास पर लघु फिल्मों का निर्माण, स्क्रीनिंग और अध्ययन शामिल है। इन स्कूलों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप् अत्याधुनिक सुविधाओं से विकसित किया जाएगा। यह आवासीय विद्यालय लोअर किंडरगार्टन से बारहवीं कक्षा तक के छात्रों को शिक्षा प्रदान करेंगे। बुनियादी ढांचा ओपन बोर्ड द्वारा स्थापित किया जाएगा। यहां छात्रों को व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिसके माॅड्यूल उद्यमिता विकास संस्थान द्वारा तैयार किए जाएंगे। स्कूल भवनों को हरित परिसरों के रूप् में विकसित किया जाएगा। जहां छात्रों को जलवायु परिवर्तत और इसके प्रभावों के बारे में भी पढ़ाया जाएगा।

शिक्षकों को सीखने और सिखाने के लिए एक टैबलेट

इन स्कूलों की ग्लोबल ब्रांडिंग अमेरिका स्थित एजेंसी नाॅर्थवेस्ट एक्रिडिटेशन कमीशन की मदद से की जाएगी। 42 देशों में मान्यता प्राप्त एनडब्ल्यूएसी की मदद से छात्रों की र्माकशीट और सर्टिफिकेट जारी किए जाएंगे। शिक्षकों को सीखने और सिखाने के लिए एक टैबलेट के साथ एम मेमोरी और सिम कार्ड प्रदान किया जाएगा। सभी क्लासरूम स्मार्ट होंगे और शिक्षण में प्रोजेक्टर और प्रेजेंटेशन का व्यापक रूप् से उपयोग किया जाएगा।

  • एमपी बोर्ड मॉडल पेपर्स डाउनलोड करने के लिए यहाँ पर क्लिक करें 
  • “बोर्ड परीक्षा के लिए TIPS & TRICKS के लिए यहाँ पर क्लिक करें। ”
  • काम शुरू हो चुका है।

    प्रदेश भर के 53 स्कूलों को इसके लिए चयन किया गया है। और इनका कार्य भी शुरू हो गया है। भोपाल के सरोजनी नायडू गल्र्स हा.से. स्कूल में 100 कंप्यूटर की लैब तैयार हो चुकी। जल्द ही नतीजे सबके सामने होंगे।

    पीआर तिवारी, निदेशक मप्र स्कूल शिक्षा मुक्त बोर्ड

    बाल आयोग ने डीईओ को लिखा पत्र – कैसे रखेंगे बच्चे ‘मन की बात’ स्कूलों में नहीं हैं शिकायत पेटी

    पेटियां उचित स्थान पर लगवाने का दिया सुझाव

    स्कूल शिक्षा विभाग स्कूली बच्चों के लिए नवाचार कर रहा है। लेकिन लगातार निर्देशों की अवहेलना हो रही है। जिसका ताजा उदाहरण स्कूलों में लगने वाली शिकायत/सुझाव पेटी का है। हाल ही मप्र बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा जिलों के निरीक्षण के दौरान यह सामने आया है कि कई स्कूलों में शिकायत / सुझाव पेटियां तक नहीं लगाई गई है। जिन स्कूलों में पेटियां तो हैं, लेकिन उचित स्थान पर नहीं है। जिसके बाद मप्र बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने प्रदेशभर के जिला शिक्षा अधिकारियों को व्यवस्था दुरूस्त करने के निर्देश के साथ ही कई सुझाव भी दिए हैं। आयोग के सदस्य ब्रजेश चैहान ने पत्र में कहा है कि उन्हेंने कई जिलों में निरीक्षण के दौरान जो त्रुटियां पाई, उसी के आधार पर यह पत्र लिखा है।

    अगर आप मार्कशीट में करेक्शन कैसे करें इसका पूरा प्रोसेस जानना चाहते है तो यहाँ पर क्लिक करें

    हेल्पलाइन नंबर अंकित हों

    चैहान ने कहा कि शिकायत पेटी सुझाव पेटी प्रत्येक स्कूल में उपयुक्त स्थान पर लगाई जाए। शिकायत पेटी पर प्रमुख नम्बर जैसे- चाइल्ड हेल्प लाइन नम्बर 1098 पुलिस सहायता नम्बर 100 एवं बाल आयोग नम्बर 0755-2559900 अंकित हो। शिकायत पेटी को स्कूल में लगाने के उद्देश्य की जानकारी बच्चों को दी जाए। बच्चों को विश्वास दिलाया जाए।

    तीन सदस्यीय समिति का हो गठन

    आयोग ने पत्र में कहा है कि शिकायत पेटी माह के प्रथम सप्ताह में किसी भ्ज्ञी दिन सुविधानुसार खोली जाए। शिकायत पेटी को खोलने के लिए तीन सदस्यीय समिति जिसमें शाला प्राचार्य एवं दो अभिभावक प्रमुखता से शामिल हो गठित की जाए। एक पंजी संधारित की जाए जिसमें प्राप्त शिकायतों का विवरण एवं उन पर समिति द्वारा लिए गए निर्णय को अंकित किया जाए।

    महत्वपूर्ण जानकारियाँ —

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