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12th के रिजल्ट का रास्ता साफ ( सुप्रीम कोर्ट ने Cbse-Icse की मूल्यांकन योजना को दी मंजूरी)

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12th के रिजल्ट का रास्ता साफ ( सुप्रीम कोर्ट ने Cbse-Icse की मूल्यांकन योजना को दी मंजूरी)

12th के रिजल्ट का रास्ता साफ ( सुप्रीम कोर्ट ने Cbsc-Icsc की मूल्यांकन योजना को दी मंजूरी)
12th के रिजल्ट का रास्ता साफ ( सुप्रीम कोर्ट ने Cbsc-Icsc की मूल्यांकन योजना को दी मंजूरी)

 

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12th के रिजल्ट का रास्ता साफ ( सुप्रीम कोर्ट ने Cbse-Icse की मूल्यांकन योजना को दी मंजूरी

सुप्रीम कोर्ट ने CBSE-ICSE कि मूल्यांकन योजना को मंजूरी परीक्षा वैध करनेे के फैसले को चुनौती देनेे वाली अर्जियां भी खारिज

 

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सीबीएसई व आइसीएसाई के परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया व छात्रों के परीक्षा पैटर्न का मूल्यांकन करने के लिए बोर्ड द्वारा लाई गई मूल्यांकन योजना को आगे बढ़ाने की भी अनुमति दी।

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सुनवाई के दौरान कोर्ट सीबीएसई व आईसीएसाई की 12वीं की मूल्यांकन स्कीम को सही और तार्किक करार दिया। कोर्ट ने स्कीम में स्कूलों द्वारा धांधली की आंशका के आरोप पर भी किसी तरह का आदेश पारित करने से इनकार इनकार कर दिया।
 

जुलाई में जेईई मेंस व सितंबर मेंं हो सकती है नीट की परीक्षा

शिक्षा मंत्राल जुलाई और अगस्त में इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई – मेन के 2 चरणों का आयोजन करने पर विचार कर रहा है। मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट (नीट) को सितंबर में कराया जा सकता है। हालांंकि, इस संबंध में अब तक अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। जेेेईई मेंस के अप्रैल और मई के चरण कोरोना के चलते स्थगित करने पड़े थे। 13 जुलाई को होने वाली जेईई एडवांस परीक्षाा भी स्थगित कर दी थी। राज्यों से इस संबंध में चर्चा की जा रही है।
 

3 साल का नियम और 15 वर्षों सेेे एक ही जगह जमें है शिक्षक

प्रदेश के स्कूलों में 70 हजार शिक्षकों की कमी है इसके बावजूद प्रदेश भर में करीब 30 हजार शिक्षकोंं को प्रतिनियुक्ति देेक शैक्षणिक कार्य से दूर कर दिया गया है। अधिकतर जिलों में डीपीसी,बीआरसीसी, बीएसी, एवं बीसीसी जैसे पदोंं पर ऐसे शिक्षकोंं को प्रतिनियुक्तत किया गयाा है, जो 10 से 15 वर्षोंं से एक ही स्थान पर जमे है। जबकि सर्व शिक्षा अभियान केेेे  नियमों के तहत कोई शिक्षक 3 वर्ष से अधिक प्रतिनियुक्ति पर नहीं रह  सकता है। समग्र शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, अपर सचिव स्कूल शिक्षा और अपर संचालक राज्य शिक्षा केंद्र को पत्र लिखकर सर्व शिक्षा अभियान के तहत डीपीसी, बीएसई आरसी जैसेे पदों पर नियम विरुद्ध प्रतिनियुक्ति पर जो पदस्थ है। उनकी प्रतिनियुक्ति रद्द करने की मांग उठाई है शिक्षक संगठनों की  आपत्ति के बावजूद 2020 मे की गई कौन सा काउंसलिंग में ऐसे कई शिक्षकोंं को सोना प्रतिनियुक्त दे दी गई, जो भी गत 10 से 15 वर्षों से उसी जगह प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ थे, जबकि रूप में अनेक शिक्षकों नेेे आवेदन किया था।

 
गणित और विज्ञाान के शिक्षक कर रहे बाबू गिरी :
 
सरकारी स्कूलों मैं गणित विज्ञान और कॉमर्स शिक्षक नहीं होने के कारण रिजल्ट गिर रहा है, जबकि इन विषयों केेेे नाम पर नियुक्त किए गए शिक्षक स्कूलोंं में पढ़ाई के बजाय कार्यालयों मैं बाबूगीरी कर रहे हैं
 

सीबीएसई मार्किंग स्कीम केेे खिलाफ  दर्ज सभी याचिकाएं रद्द                

सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सीबीएसई सहित अन्य राज्यों की बोर्ड परीक्षाओं के संबंध में सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि कॉलेज एडमिशन तभी शुरू होंगे, जब बारहवीं क्लास के हर तरह के रिजल्ट जारी हो जाएंगे इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कक्षा 12 के एवरेज मार्किंग स्कीम के खिलाफ दर्ज सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया।सीबीएसई और आईसीएसई के कक्षा 12वीं बोर्ड एग्जाम के एवरेज मार्किंग स्कीम को कई छात्रों और  अभिभावकों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। उनका कहना था कि जो छात्र फिजिकल एक्जाम देंगे, उनका रिजल्ट बाद में आएगा। इससे उन्हें कालेज में दाखिला मिलने में मुश्किल होगी, वहीं केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि फिजिकल एग्जाम 15 अगस्त 2021 से 15 सितंबर 2021 किसके बीच होंगे, यानी इनका रिजल्ट उसके बाद ही आएगा, जबकि एवरेज मार्किंग स्कीम के तहत रिजल्ट 31 जुलाई तक आएंगे। इसलिए यूजीसी हर कालेज को यह निर्देश देगी कि कॉलेज में दाखिले की प्रक्रिया तब ही शुरू होगी, जब हर तरह के रिजल्ट जारी हो जाएंगे।सीबीएसई और आईसीएसई के एवरेज मार्किंग स्कीम फिजिकल एक्जाम और राज्यों के बोर्ड के रिजल्ट आने के बाद ही कॉलेज में दाखिला प्रक्रिया शुरू होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने लगाई सीबीएसई आईसीएसई की स्कीम  पर मुहर

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये फैसला बड़े जनहित में लिया गया है। सीबीएसई और आईसीएसई की स्कीम स्कीम सही और  वाजिब है। अदालत को इसमें दखल देने का कोई कारण नहीं दिखता है।

साथ ही प्राइवेट, पत्राचार के छात्र भी फिजिकल एग्जाम देंगे जो कि 15 सितंबर तक खत्म हो जाएगा। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई और आईसीएसई की 12वीं परीक्षा से जुड़ी सभी आपत्तियों को खारिज कर दिया।

Clear the way for 12th result ( Supreme Court approved the evaluation plan of CBSE-ICSE

The Supreme Court also dismissed the applications challenging the decision to legalize the evaluation scheme of CBSE-ICSE.

The Supreme Court on Tuesday dismissed the petitions challenging the CBSE and ICSI’s decision to cancel the examinations and also allowed to go ahead with the evaluation scheme brought by the board to evaluate the exam pattern of the students.

 During the hearing, the court termed the 12th evaluation scheme of CBSE and ICSI as correct and logical.  The court also refused to pass any order on the allegation of possible rigging by the schools in the scheme.

JEE Mains in July and NEET exam in September

The education ministry is contemplating to conduct 2 stages of engineering entrance exam JEE – Main in July and August.  The Medical Entrance Test (NEET) can be conducted in September.  However, a final decision has not yet been taken in this regard.  The April and May phases of JEE Main had to be postponed due to Corona.  The JEE Advanced exam which was to be held on July 13 was also postponed.  Discussions are being held with the states in this regard.

The rule of 3 years and the teacher has been stuck in the same place for 15 years

There is a shortage of 70 thousand teachers in the schools of the state, despite this, about 30 thousand teachers across the state have been removed from the academic work on deputation.  In most of the districts, such teachers have been deputed on the posts like DPC, BRCC, BAC, and BCC, who have been stuck in one place for 10 to 15 years.  Whereas under the rules of Sarva Shiksha Abhiyan, no teacher can stay on deputation for more than 3 years.  The Samagra Teachers Association has written a letter to Chief Minister Shivraj Singh Chouhan, School Education Minister Inder Singh Parmar, Additional Secretary School Education and Additional Director State Education Center on deputation against rules like DPC, BSE RC under Sarva Shiksha Abhiyan.  The demand for cancellation of their deputation has been raised, despite the objection of teacher organizations, in which counseling done in 2020, many such teachers were given gold deputation, who were also posted on deputation at the same place for the last 10 to 15 years, while in the form  Many teachers applied.

Babu Giri doing maths and science teacher:

The result is falling due to lack of mathematics, science and commerce teachers in government schools, while the teachers appointed in the name of these subjects are doing babugiri in offices instead of studying in schools.

All petitions filed against CBSE marking scheme canceled

On Tuesday, the Supreme Court held a hearing regarding the board examinations of other states including CBSE.  During this, the central government told the Supreme Court that college admissions will start only when all the results of class XII will be released, after which the Supreme Court dismissed all the petitions filed against the average marking scheme of class 12. CBSE and  The average marking scheme of ICSE class 12th board exam was challenged in the Supreme Court by many students and parents.  He said that the students who will give the physical exam, their result will come later.  This will make it difficult for them to get admission in the college, while the central government told the Supreme Court on Tuesday that between August 15, 2021 and September 15, 2021, the physical exam will be held, that is, their result will come only after that, while the result under the average marking scheme 31  Will come by July.  Therefore, the UGC will instruct every college that the process of admission to the college will start only after the results of all types are released. Admission to the college is done only after the results of the average marking scheme of CBSE and ICSE, physical examinations and the results of the state boards.  The process will start.

Supreme Court approved the scheme of CBSE ICSE

During the hearing, the Supreme Court said that this decision has been taken in the larger public interest.  The scheme scheme of CBSE and ICSE is correct and reasonable.  The court sees no reason to interfere.
Along with this, students of private, correspondence will also give physical exam which will end by September 15.  Along with this, the Supreme Court dismissed all the objections related to the 12th examination of CBSE and ICSE.

 

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