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सीबीएसई का फैसला 30: 30: 40: की मार्किंग स्कीम पर बनेगा 12वीं का रिजल्ट ( Cbse board decided class 12 result formula 30:30:40 )

 

सीबीएसई का फैसला 30: 30: 40: की मार्किंग स्कीम पर बनेगा 12वीं का रिजल्ट
सीबीएसई का फैसला 30: 30: 40: की मार्किंग स्कीम पर बनेगा 12वीं का रिजल्ट

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सीबीएसई का फैसला 30: 30: 40 की मार्किंग स्कीम पर बनेगा 12वीं का रिजल्ट।

सीबीएसई और सीआईएससीई  बोर्ड ने 12वीं क्लास में रिजल्ट किस तरह से कैलकुलेट होगा, इसकी मार्किंग स्कीम जारी कर दी है। सीबीएसई जहां 40 फ़ीसदी वेेटेज 12 वीं प्री बोर्ड मिड़ टर्म एक एक एग्जाम्स और इंटरनेल असेसमेंट को दिया है, वही 30-30 फ़ीसदी वेटेज 11वीं और 10वीं के मार्क्स को  दिया जाा रहा है। लगभग यही फॉर्मूला आईसीएसई से संबंधित स्कूलों में भी अप्लाई किया जाएगा।  ऐसे में शहर के कुछ स्टूडेंट्स जहां 11वी के मार्क्स काउंट किए जाने सेेे नाराज है, क्योंंकि उनको लगता हैै कि उन्होंने 12वीं पर पूरा टारगेट किया था। इसीलिए 11वी पर तो ध्यान ही नहीं दिया था। वहीं कुछ को लग रहा हैै, कि 12वीं के मिड टर्म और इंटरनल एसेसमेंट तो ऑनलाइन मोड़ म हुए थे, ऐसे में बहुत से बच्चोंं ने घर पर एग्जाम में चीटिंग भी की तो क्या चीटर्स इस बार टॉपर्स की लिस्टट में नजर आएंगे। 

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प्री बोर्ड में तैयारी पूरी नहीं थी तो भी क्या इसी के मार्क्स जुड़ेंगे?

कार्मल कान्वेंट स्टूडेंट अनन्या गुप्ता का कहना है, 10वीं 11वीं के मार्क्स पर रिजल्ट बनाना तो ठीक था लेकिन 12 वीं प्री बोर्ड पर एसेसमेंट तो गलत है। प्री बोर्ड में मेरी भी फूल प्रिपरेशन नहीं थी यह सोचकर एग्जाम नहीं लिखा था कि यह फाइनल पेपर नहीं है। रिजल्ट में प्री बोर्ड के मार्क्स दिखेंगे। दिल्ली पब्लिक स्कूल की स्टूडेंट गौरंगी शर्मा ने बताया 11वीं मार्क्स कैलकुलेट करना थोड़ा अनफेयर लग रहा है। 11वीं में स्टूडेंट से पढ़ाई का ज्यादा लोड नहीं लेते एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज ज्यादा ही  इंवॉल्व हो जाते हैं। फिर रिलैक्स ईयर 11वीं की ही मार्क्स 12वीं में काम आएंगे। ऐसा नहीं सोचा था।

ऑनलाइन एग्जाम में तो बहुत से बच्चों ने चीटिंग की होगी तो वो बन जाएगा toppers

सागर पब्लिक स्कूल सकेत नगर स्टूडेंट अनुष्का वार्ष्णेय का कहना है, 12वीं के मिड टर्म और इंटरनल एग्जाम्स तो पूरी तरह ऑनलाइन हो गए बच्चों ने पढ़ाई नहीं की तो चीटिंग के लिए तरीके भी ढूंढ लिए,  इन एग्जाम को 40 परसेंट वेजेट देना ठीक नहीं है। डर है कि चीटिंग करने वाले बच्चे हम से आगे ना निकल जाए। सीबीएसई ने स्कूलों को लिबर्टी दी है,  वे चाहे तो 12 वीं प्री बोर्ड मिड टर्म या पीरियोडिक एग्जाम में से किसी एक के नंबर सेंड करें या फिर तीनों परीक्षाओं को एवरेज निकाल ले। बच्चों को निराश होने की जरूरत नहीं है।

सभी राज्यो का देखा जाएगा औसत फिर बनेगा 12वी का रिजल्ट

सूत्रों के मुताबिक कमेटी की कोशिश है कि सीबीएसई का परिणाम सभी मापदंडों पर खरा उतरे जिससे छात्र संतुष्ट हो। साथ ही राज्यों के परिणाम में ज्यादा अंतर नहीं रहे। इसके लिए परिणाम जारी करने से पहले राज्यों का औसत देखा जाएगा। जैसे बिहार बोर्ड हो गया, यूपी बोर्ड हो गया, सीबीएससी बोर्ड हो गया, इन सभी बोर्ड को मिला करके एक औसत निकाला जाएगा। 12वीं का रिजल्ट जारी होने से पहले इन सभी से बात की जाएगी, कि इन सभी बोर्ड का रिजल्ट लगभग नॉर्मल बराबर निकलना चाहिए। जैसे कि मान लीजिए सीबीएसई अपने रिजल्ट को लास्ट 80 पर्सेंट तक ले जाना चाहता है, तो यूपी बोर्ड सीबीएसई से 81 परसेंट ले जाए ज्यादा फर्क न हो,  इसलिए अभी इन सब पर बातचीत चल रही है। बातचीत होने के बाद इनका औसत निकाला जाएगा, सभी राज्यों का इसके बाद 12वीं का रिजल्ट बनेगा।

एक जुलाई से खुल जाएंगे स्कूल लेकिन बच्चों के आने पर रोक होगी

प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूल अब 1 जुलाई से खुलेंगे। अभी तक बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों को 15 जून से खोला जाना था। लेकिन अब यह स्कूल 1 जुलाई से ही खोले जाएंगे। परिषद ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है, हालांकि इस इन सभी स्कूलों में विद्यार्थियों के आने पर अग्रिम आदेश तक रोक बरकरार रहेगी। वहीं माध्यमिक स्तर के स्कूल भी गर्मी की छुट्टियों के बाद 1 जुलाई से खोले जाने हैं। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूल गर्मी की छुट्टियों के बाद 15 जून से खोले जाने थे। लेकिन अब परिषद के सचिव प्रताप सिंह बघेल ने आदेश जारी कर 1 जुलाई से स्कूल खोलने के निर्देश दिए हैं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए स्कूल 30 जून तक बंद रहेंगे। 1 जुलाई से स्कूल खुलेंगे लेकिन छात्रों के जाने की अनुमति नहीं होगी। मतलब स्कूल छात्र नहीं जाएंगे केवल स्कूल खोल दिए जाएंगे।

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